चंडीगढ़। मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी राजबीर सिंह ने पूर्व केबिनेट मंत्री व शिरोमणि अकाली दल नेता बिक्रम सिंह मजीठिया व अन्य के खिलाफ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में एक सिविल सूट दायर किया है। इसमें राजबीर ने मांग की है मजीठिया व माणिक गोयल काे आदेश दिए जाएं कि उनके खिलाफ मानहानिपूर्ण, झूठे, आधारहीन और गलत बयानबाजी सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट न करें। वहीं फेसबुक, एक्स और यूट्यूब(गूगल) को आदेश हों कि मजीठिया व माणिक द्वारा याची के खिलाफ बिना वेरिफाई और गलत स्टेटमेंट को पब्लिश न करे। वहीं उनके खिलाफ मजीठिया व माणिक द्वारा पोस्ट हुआ बिना वेरीफाई , झूठा और मानहानिपूर्ण कंटेंट सोशल मीडिया से हटाने के आदेश जारी हों। इससे उन्हें और सीएमओ ऑफिस को काफी नुकसान हुआ है।
केस की सुनवाई के दौरान राजबीर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट हुए इस कंटेंट को कोर्ट के सामने इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस और फोटोग्राफ के जरिए पेश किया। वहीं केस को मजबूती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट के सितंबर, 2022 के एक आर्डर की कॉपी भी पेश की गई। कोर्ट ने पाया कि प्रथम दृष्टता में अंतरिम राहत देने के लिए याची के हक में यह केस बनता है। ऐसे में मजीठिया और माणिक को आदेश दिए गए हैं कि सोशल मीडिया अकाउंट पर मानहानिपूर्ण, गलत और बिना वेरीफाई स्टेटमेंट जारी न करें। वहीं फेसबुक, एक्स और यूट्यूब(गूगल) को भी आदेश दिए गए हैं कि इन दोनों के द्वारा याची के खिलाफ दी गई ऐसी स्टेटमेंट कोर्ट के अगले आदेशों तक पब्लिश न करें। 16 नवंबर के लिए कोर्ट ने प्रतिवादियों को मुख्य केस व स्टे अर्जी पर नोटिस जारी किया है।




