पंचकूला: मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल पंचकूला ने सड़क हादसे में जान गंवाने वाले हरियाणा पुलिस के सहायक उपनिरीक्षक (ASI) अनिल कुमार के परिवार को 21 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। ट्रिब्यूनल के पीठासीन अधिकारी संजय संधीर ने 9 सितंबर को यह फैसला सुनाया।
अनिल कुमार की पत्नी, दो बच्चों और माता-पिता ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 166 के तहत याचिका दायर कर पांच करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की थी। याचिका में कहा गया था कि 18 मई, 2025 को सेक्टर 26-27 कट के पास तेज और लापरवाही से चलाए जा रहे वोल्वो कार (CH-01-T-4444) ने उनकी हुंडई वरना कार को टक्कर मार दी थी।
हादसे में 44 वर्षीय अनिल कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए थे और 19 मई, 2025 को उनकी मौत हो गई थी। मामले में चंडीमंदिर थाने में उनके बेटे अनिश के बयान पर एफआईआर दर्ज की गई थी। अनिश ने हादसे के चश्मदीद गवाह के तौर पर भी गवाही दी।ट्रिब्यूनल ने माना कि हादसा वोल्वो चालक की तेज और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण हुआ।
चालक और वाहन मालिक आरोपों का खंडन करने के लिए गवाही देने के लिए अदालत में पेश नहीं हुए, जिसके चलते उनके खिलाफ प्रतिकूल निष्कर्ष निकाला गया।मुआवजे की गणना के लिए ट्रिब्यूनल ने अनिल कुमार की सकल वार्षिक आय करीब 10 लाख रुपये मानी। आयकर की कटौती और भविष्य की आय में 30 प्रतिशत वृद्धि को शामिल करने के बाद व्यक्तिगत खर्चों के लिए एक-चौथाई राशि घटाई गई तथा 14 का गुणक लगाया गया। इससे निर्भरता की हानि करीब 1.30 करोड़ रुपये आंकी गई।
हालांकि, ट्रिब्यूनल ने विधवा को 12 वर्षों के लिए मिलने वाली अनुकंपा वित्तीय सहायता के रूप में 1.13 करोड़ रुपये की राशि घटा दी। इसके बाद निर्भरता की हानि के रूप में 18 लाख रुपये निर्धारित किए गए।संपत्ति की हानि, अंतिम संस्कार खर्च और कंसोर्टियम समेत अन्य मदों को जोड़ते हुए ट्रिब्यूनल ने कुल मुआवजा 21 लाख रुपये तय किया। इस राशि पर याचिका दायर करने की तारीख से भुगतान होने तक 7.5 प्रतिशत सालाना ब्याज भी मिलेगा।
बीमा कंपनी, चालक और वाहन मालिक को मुआवजे की राशि का भुगतान करने के लिए संयुक्त रूप से और अलग-अलग तौर पर जिम्मेदार ठहराया गया है।



