चंडीगढ़
साध्वियों से रेप व जर्नलिस्ट रामचंद्र छत्रपति की हत्या मामले में रोहतक के सुनारिया जेल में सजा काट रहा सिरसा डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम एक बार फिर जेल से बाहर आने को है। एक बार फिर चुनाव का माहौल है। इस बार राम रहीम ने अपने पिता मग्गर सिंह की पुण्यतिथि कार्यक्रम के लिए पेरोल मांगी थी। इससे पहले अक्टूबर 2020 से सितंबर 2024 तक वह 10 बार जेल से बाहर आ चुका है। इनमें से 6 बार कहीं न कहीं, कोई न कोई चुनाव थे। पेरोल और फरलो पर वह कुल मिलाकर 255 दिन जेल से बाहर गुजार चुका है। पिछले 9 महीने में यह तीसरा मौका होगा जब वह जेल से बाहर आएगा। राम रहीम ने इस बार 20 दिन की पेरोल मांगी है।
कब-कब राम रहीम आया बाहर :
24 अक्टूबर 2020 को 1 दिन पेरोल, 21 मई 2021को 1 दिन पेरोल, 7 से 28 फरवरी 2022 तक 21 दिन फरलो जब 20 फरवरी को पंजाब विधानसभा चुनाव थे। 7 जून से 18 जुलाई 2022 तक 30 दिन पेरोल मिली जब 9 जून को हरियाणा नगर निगम चुनाव थे। फिर 15 अक्टूबर से 25 नवंबर 2022 तक 40 दिन पेराेल मिली जब 3 नवंबर आदमपुर सीट उप-चुनाव थे। 21 जनवरी से 3 मार्च 2023 तक 40 दिन पेरोल मिली। इसके बाद 20 जुलाई से 20 अगस्त 2023 तक 30 दिन पेराेल दी गई जब 13 अगस्त को हरियाणा के तीन जिलों में पंचायत चुनाव थे। 21 नवंबर से 13 दिसंबर 2023 तक 21 दिन फरलो दी गई जब 25 नवंबर को राजस्थान विधानसभा चुनाव थे। 19 जनवरी से 10 मार्च 2024को 50 दिन पेरोल दी गई। फिर 13 अगस्त से 2 सितंबर 2024तक 21 दिन फरलो मिली जब 16 अगस्त को हरियाणा विधानसभा चुनावों की नोटिफिकेशन हुई थी। अब 2 से 21 अक्टूबर 2024 तक 20 दिन के लिए पेरोल मिली। 5 अक्टूबर को हरियाणा विधानसभा चुनाव हैं।
हरियाणा में दाखिल नहीं होगा राम रहीम
जानकारी के मुताबिक राम रहीम पेराेल के दौरान हरियाणा में दाखिल नहीं होगा और यूपी के बागपत में बरनावा स्थित आश्रम में रहेगा। यह हरियाणा से लगभग 150 किलोमीटर दूर है। हरियाणा में मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लगे होने के चलते उसकी पेराेल की अर्जी पर चुनाव अधिकारी ने फैसला लिया है। मामले में जेल प्रशासन से भी पूछा गया था कि वह इमरजेंसी व वह कारण बताएं जो वोटिंग के दौरान दोषी की पेरोल की अर्जी को सही ठहराती हो।
2 केसों में सजा काट रहा, एक में हाईकोर्ट से बरी हुआ था:
राम रहीम को 2 साध्वियों से रेप केस में वर्ष 2017 में 20 वर्ष कैद हुई थी। इसके अलावा डेरा प्रबंधक रहे रंजीत सिंह मर्डर केस समेत पत्रकार राम चंद्र छत्रपति हत्याकांड में भी उसे निचली कोर्ट से सजा हाे चुकी है। इसके अलावा लगभग 400 साधुओं को नपुंसक बनाने के आरोप समेत पंजाब में बेअदबी का भी केस चल रहा है। हालांकि रंजीत सिंह हत्याकांड में हाईकोर्ट ने राम रहीम को बरी कर दिया था।
जर्नलिस्ट के बेटे ने किया है पेरोल का विरोध
जर्नलिस्ट राम चंद्र छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति ने हरियाणा में निष्पक्ष चुनाव करवाने व डेरा सच्चा सौदा की राजनीतिक गतिवधियों का हवाला दे डेरा प्रमुख की पेरोल अर्जी रद्द करने की मांग की है। इसके लिए मुख्य चुनाव अधिकारी को अर्जी लिखी है। हरियाणा गुड कंडक्ट प्रिजनर्स टेम्परेरी रिलीज एक्ट की धारा-5 कहती है कि आपातकाल पेराेल कैदी को सिर्फ कुछ विशेष कारणों से मिलती है, जबकि राम रहीम की अर्जी में ऐसा कोई कारण नहीं है।





