चंडीगढ़। हरियाणा रोडवेज की एक बस में मोहाली के एक व्यापारी को नशीला बिस्कुट खिलाकर बेहोश कर उसका मोबाइल, पर्स, 30 हजार रूपये और अंगूठी चुराने का मामला अदालत में गिर गया। शिकायतकर्ता मोहाली सेक्टर 66 के राजेंद्र सिंह ने एफआईआर में कहा था कि उनका रेडमी कम्पनी का मोबाइल चोरी हुआ था। वहीं सेक्टर 17 थाना पुलिस ने नोकिया कम्पनी का एक पुराना की-पैड वाला मोबाइल केस प्रॉपर्टी के रूप में बरामद कर कोर्ट में पेश किया था। पुलिस ने मोबाइल और पर्स की रिकवरी भी घटना के 3 महीने बाद सेक्टर 17 बस स्टैंड चौक के पास झाड़ियां से दिखाई। कोर्ट ने कहा कि यह जगह आम लोगों के लिए भी गुजरने लायक थी।
शिकायतकर्ता ने कोर्ट में गवाही के दौरान कहा कि उसका रेडमी का फोन चोरी हुआ था जबकि यह नोकिया का पुराना मोबाइल है जिसमें सिम कार्ड भी नहीं है। यही नहीं 13 सितंबर, 2021 को घटना घटी थी मगर इसके 3 महीने बाद 19 दिसंबर, 2021 को थाना पुलिस ने केस दर्ज किया था। इसे लेकर पुलिस के पास कोई जवाब नहीं था। दूसरी और जो बिस्कुट नशीला बताया गया था उसकी भी कोई मेडिकल रिपोर्ट कोर्ट में पेश नहीं की गई थी। ऐसे में प्रॉसीक्यूशन स्टोरी शक के दायरे में आने के चलते कोर्ट ने आरोपी मेघालय के कृष्ण लाल(54) को बरी कर दिया।
शिकायतकर्ता राजेंद्र सिंह के मुताबिक 13 सितंबर 2021 को सुबह के वक्त वह सेक्टर 17 आईएसबीटी से हरियाणा रोडवेज की बस पकड़ दुकान के लिए कपड़े खरीदने दिल्ली जा रहे थे। बस के जीरकपुर पहुंचने पर उनके साथ बैठे आरोपी ने उन्हें नशीला बिस्कुट खिला दिया जिसके बाद वह बेहोश हो गए। कंडक्टर ने पहले उन्हें बल्लभगढ़ के एक अस्पताल में भर्ती कराया, इसके बाद उन्हें दिल्ली के हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया था। पुलिस को शिकायत देने के बाद 20 दिसंबर, 2021 को केस का आइओ सब इंस्पेक्टर गुरनाम सिंह शिकायतकर्ता को लेकर सेक्टर 17 बस स्टैंड पहुंचा। यहां सब इंस्पेक्टर गुर जीवन सिंह आरोपी से किसी अन्य मामले में पूछताछ कर रहा था। इसी दौरान आरोपी की शिकायतकर्ता ने शिनाख्त की जिसके बाद रिकवरी हुई। वहीं बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि पुलिस ने झूठा केस तैयार कर रिकवरी प्लांट की है। गवाहों के बयान में भी मतभेद दिखा था





