चंडीगढ़। ऑटो में फर्जी निकाह करवाने के एक मामले में सेक्टर-11 थाना पुलिस ने गिरफ्तार किए गए मौलवी समेत तीन आरोपितों के खिलाफ जिला अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। आरोपितों में मौलवी शकील अहमद, निकाह करने वाले आसिफ और रूचि घोष शामिल हैं। इनके खिलाफ फतेहगढ़ साहिब के रहने वाले दो व्यक्तियों की शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी व जालसाजी की धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। अब मामले में आरोपियों के खिलाफ 30 अक्तूबर को आरोप तय हो सकते हैं।
आरोप के मुताबिक मौलवी ने आसिफ और रुचि का निकाह खुड्डा अलीशेर के पास एक ऑटो में ही करवा दिया और गवाह के तौर पर दो लोगों के फर्जी हस्ताक्षर करवा दिए थे। निकाह के बाद आसिफ और रूचि ने सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्हें सुरक्षा तो नहीं मिली, उल्टा हाई कोर्ट ने इस निकाह पर संदेह जताते हुए पुलिस को जांच के आदेश दिए थे। आरोपियों ने हाई कोर्ट में दायर याचिका में निकाह की तस्वीरें लगाई थी जिसमें साफ नजर आ रहा था कि ये निकाह ऑटो में हुआ था। आरोप हैं कि मौलवी ने फर्जी तरीके से आसिफ और रुचि का निकाह करवाया। निकाहनामे पर फतेहगढ़ साहिब के हरमनदीप और अमनदीप के हस्ताक्षर करवाए जबकि वे निकाह के वक्त मौजूद ही नहीं थे। उनके फर्जी हस्ताक्षर कर ये निकाहनामा तैयार हुआ। हरमनदीप को जब इस बारे में पता चला तो उसने पुलिस को शिकायत दी। पहले फतेहगढ़ साहिब पुलिस ने जीरो एफआइआर दर्ज की थी और मामला चंडीगढ़ को ट्रांसफर कर दिया गया। हाईकोर्ट के आदेश पर संदिग्ध गैरकानूनी धर्मांतरण की दिशा में सीबीआई भी केस की जांच कर रही है।





