चंडीगढ़। कंज्यूमर कमीशन ने एक मरीज को दिए जाने वाले रिफंड को लेकर फेज-6, मोहाली के मैक्स सुपर स्पेशिएलिटी हाॅस्पिटल के कृत्य को लेकर बड़ी टिप्पणी करते हुए हर्जाना भरने के आदेश दिए हैं। कमीशन ने कहा कि हॉस्पिटल ने न सिर्फ शिकायतकर्ता को रिफंड को लेकर गलत तथ्य बताए बल्कि इसे लेकर कमीशन को भी गुमराह किया। ऐसे में इसका कृत्य सेवा में कोताही और गलत व्यापारिक गतिविधियों वाला है। हाॅस्पिटल को आदेश दिए गए कि शिकायकर्ता को 90 हजार रुपये 9 प्रतिशत ब्याज समेत वापस करे। इसके अलावा मानसिक और शारीरिक शोषण के रूप में 15 हजार रुपये हर्जाना और 10 हजार रुपये अदालती खर्च के रूप में भरे। सेक्टर-46सी के त्रिलोक चंद शर्मा ने यह शिकायत दायर की थी।
दायर केस के मुताबिक शिकायतकर्ता नवंबर, 2023 में आंकोलॉजी के इलाज के लिए इस हॉस्पिटल में भर्ती हुआ था। डॉक्टरों की सलाह पर उनकी सर्जरी हुई। 8 दिन बाद वह डिस्चार्ज हुए। उनका 4.44 लाख रुपये का बिल आया। इसमें से 2.10 लाख जमा करवा दिया गया था। बाकी 3.24 लाख सीजीएचएस के तहत दिया गया। यह कुल 5.34 लाख रुपये बन गया।
शिकायतकर्ता ने बिल से ज्यादा की रकम दी क्योंकि वह रोबोटिक सर्जरी से इलाज चाहते थे जाे सीजीएचएस में कवर नहीं थी। जारी बिल में 90 हजार रुपये की चैक रिंबर्समेंट भी थी। हॉस्पिटल ने बाद में रिंबर्समंेंट से मना कर दिया और दूसरा बिल जारी कर दिया जिसमें 90 हजार रुपये सर्जरी खर्च बताया गया। शिकायतकर्ता के मुताबिक एक बिल में पहले से हॉस्पिटल 90,450 रुपये बिल की मांग सीजीएचएस से कर चुका था। ऐसे में दूसरी बार वह रकम की मांग नहीं कर सकते थे। हॉस्पिटल ने 4.44 लाख रुपये की बजाय 5.34 लाख रुपये प्राप्त कर लिए थे। वहीं 90 हजार रुपये वापस नहीं किए। इसे सेवा में कमी और गलत व्यापारिक गतिविधियां बताया गया था। वहीं हॉस्पिटल का कहना था कि शिकायतकर्ता को 89,999 रुपये रिफंड किए गए थे। ऐसे में कोई ओवरचार्जिंग नहीं हुई थी। हालांकि शिकायतकर्ता अपना केस साबित करने में सफल रहा।




