चंडीगढ़। सेक्टर-10 में हुए ग्रेनेड हमले में एनआईए पूछताछ के लिए अमृतसर पुलिस की कस्टडी में चल रहे 2 आरोपियों आकाशदीप सिंह व अमरजीत सिंह का प्रोडक्शन वारंट लेगी। इनके प्रोडक्शन वारंट की अर्जी चंडीगढ़ एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने मंजूर कर ली है। दोनों को 25 नवंबर को चंडीगढ़ कोर्ट में पेश करेगी। जिसके बाद रिमांड लिया जाएगा। एनआईए ने कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हुई इस साजिश की गहन जांच व दोनों के रोल को जांचने के लिए दोनों से पूछताछ की जरूरत है ताकि इस पूरी साजिश का पर्दाफाश हो सके। वहीं, आकाशदीप और अमरजीत के वकील प्राकुल कश्यप ने एनआईए की अर्जी का विरोध करते हुए उन्हें इस मामले में फंसाया गया है। उनका हैंड ग्रेनेड फेंकने वाले रोहन और विशाल से कोई संबंध नहीं था।
एनआईए ने यूएपीए एक्ट समेत 109, 351(2), 333 और 61 समेत एक्सप्लोजिव सबस्टांस एक्ट के तहत यह केस दर्ज किया हुआ है। इससे पहले केस की जांच सेक्टर-3 थाना पुलिस के पास थी। एनआईए के मुताबिक बब्बर खालसा इंटरनेशनल के मेंबर पाकिस्तान से छुपे आतंकी हरविंदर सिंह संधू उर्फ रिंदा ने यूएसए में रह रहे आतंकी हैप्पी पासियां के जरिए यह ग्रेनेड अटैक करवाया था।
यूटी पुलिस ने केस में हमलावरों रोहन मसीह, विशाल मसीह समेत अमरजीत सिंह, आकाशदीप सिंह व ऑटो ड्राइवर कुलदीप को गिरफ्तार किया था। कुलदीप को छोड़ बाकी चारों अमृतसर जेल में हैं। इससे पहले अमरजीत और आकाशदीप को एसएसअोस, अमृतसर ने पहले 8 सितंबर को पकड़ा था। जिसके बाद 25 सितंबर को वह ग्रेनेड मामले में यूटी पुलिस के हत्थे चढ़े थे। उस दौरान अमरजीत और आकाशदीप का यूटी पुलिस ने 5 दिन का रिमांड लिया गया था। एनआईए के मुताबिक उस रिमांड में दोनों ने बताया था कि वह हैप्पी पासियां के संपर्क में थे। वहीं पाकिस्तान से हथियारों की तस्करी में शामिल थे। उन्होंने विशाल और राेहन के लिए ब्लैक पॉलिथिन में हैंड ग्रेनेड मंगवाया था।
यह है मामला:
सेक्टर-10 की कोठी में 11 सितंबर को दो युवकों ने हैंड ग्रेनेड फेंका था। यह युवक ऑटो में बैठकर यहां आए थे और बम फेंककर ऑटो से ही फरार हो गए। इस कोठी में रिटायर्ड प्रिंसीपल गोपेश मल्हाेत्रा रहते हैं, लेकिन दो साल पहले पंजाब के पूर्व एसपी जसकीरत सिंह चहल यहां किराये पर रहते थे। जांच के दौरान ये सामने आया कि आरोपियों ने चहल पर हमला करने के इरादे से ही यहां बम फेंका था। वारदात के बाद पंजाब पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया था जबकि ऑटो चालक कुलदीप को चंडीगढ़ पुलिस ने पकड़ा था।




