1990 में टाडा एक्ट में दर्ज केस 34 साल बाद पुलिस को करना होगा साबित

चंडीगढ़। 23 दिसंबर, 1990 को सेक्टर-31 थाने में यूटी पुलिस ने रॉबरी के प्रयास, ट्रेसपासिंग समेत टाडा एक्ट और ऑर्म्स एक्ट के तहत जो केस दर्ज किया था उसे अब कोर्ट में 34 साल बाद काेर्ट में साबित करना होगा। इससे पहले पुलिस को विजय सिंह नामक इस आरोपी की जमानत अर्जी पर 26 नवंबर को जवाब देना है। पुलिस को बताना होगा कि क्यों केस में टाडा एक्ट लगाया था। यूपी के जिला फार्रुखाबाद के विजय सिंह ने मुख्य रूप से टाडा लगाए जाने को एक्ट की उल्लंघना बताया है। घटना वाली शाम ही विजय पकड़ा गया था। 5 महीने और 22 दिन जेल काटने के बाद उसे जमानत मिली थी। बाद में वह भगोड़ा हुआ और 30 नवंबर, 1991 को भगाेड़ा करार दिया गया था। अब 2 मई, 2024 को गिरफ्तारी के बाद से वह जेल में है। जानकारी के मुताबिक गिरफ्तारी के दौरान वह 23 साल का था।

विजय का कहना है कि उस पर झूठा केस दर्ज हुआ था। पुलिस ने झूठी कहानी बना उसे बलि का बकरा बनाया। केस में चार्जशीट पेश हो गई थी। जमानत अर्जी में उसकी ओर से पेश एडवोकेट अमनदीप सिंह व विनय यादव ने कहा है कि टाडा एक्ट की धारा 5 किसी भी कल्पना में जाकर उसके खिलाफ नहीं बनती। पुलिस ने धारा की गलत व्याख्या की है। सिर्फ इसलिए यह धारा लगा दी क्योंकि तब चंडीगढ़ में धारा 144 लगी हुई थी। टाडा एक्ट की धारा 20(ए),(2) के अनिवार्य प्रावधान की पालना नहीं की गई। यह पुलिस को आईजीपी की स्वीकृति लेने के लिए कहता है ताकि कोर्ट चार्जशीट पर संज्ञान ले सके। वहीं कहा कि आरोपी पर इस केस के अलावा कोई और मामला दर्ज नहीं है।

1990 के इस केस में पुलिस ने कुल 11गवाह रखे थे। इनमें सेक्टर-31 थाना एसएचओ बीएस नेगी भी थे। विजय घटना के वक्त हल्लाेमाजरा में रह रहा था। उससे देसी पिस्टल और 4 कारतूस मिलने का दावा किया गया था। राम दरबार, फेज-2 की यह घटना थी। श्रीराम जी दास नामक राम दरबार कॉलोनी का व्यक्ति शिकायतकर्ता था। पेशे से टेलर शिकायतकर्ता का कहना था कि आरोपी लूट की नियत से रूमाल से मुंह ढंक कर उसके घर में शाम 7:45 बजे घुसा और सीने पर पिस्टल लगा दी। शिकायतकर्ता के हाथ मारने पर पिस्टल गिर गई और आरोपी भागने लगा जिसे काबू किया गया था। पुलिस ने फरीदाबाद से उसकी गिरफ्तारी दिखाई थी।

Share it :

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!