चंडीगढ़। मंगलवार सुबह तड़के सेक्टर-26 में रैपर बादशाह के क्लब समेत 2क्लबों के बाहर मंगलवार तड़के हुए ब्लास्ट मामले में यूटी पुलिस और हरियाणा पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन के दौरान दोनों हमलावर पुलिस फायरिंग में पकड़े गए हैं। इनके पैर में गोलियां लगी हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान हिसार के गांव देव मुकलां के विनय(20) और हिसार के ही गांव खरड़ के अजीत सेहरावत(21) के रूप में हुई है। हरियाणा एसटीएफ के साथ मिल यूटी क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर सतविंदर सिंह ने अपनी टीम समेत आरोपियों को पकड़ा है। गोली लगने के बाद इन्हें हिसार क सिविल हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया है। यूटी पुलिस के मुताबिक इनके ठीक होने पर जल्द चंडीगढ़ लाया जाएगा। पुलिस के विश्वसनीय सूत्र बता रहे हैं कि दोनों का संबंध लारेंस-गोल्डी गैंग से है और प्रोटेक्श्न मनी के लिए धमकाने की कार्रवाई के तहत ही यह धमाके किए गए थे। फिलहाल यूटी पुलिस इस मामले में ज्यादा जानकारी सांझा करने से गुरेज कर रही है।
पुलिस के मुताबिक शुक्रवार पुलिस को एक इनपुट मिला था कि दोनों आरोपी हिसार के थाना सदर क्षेत्र में देखे गए हैं। ऐसे मंे यूटी पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। उनके साथ हरियाणा पुलिस की एसटीएफ भी थी। दोनों को सरेंडर करने के लिए कहा गया मगर दोनों ने नहीं सुना और पुलिस पार्टी पर फायर कर दिए। ऐसे में यूटी पुलिस और एसटीएफ ने भी आत्मरक्षा में फायरिंग की। इस दौरान दोनों के पैरों में गोली लगी है। पुलिस के मुताबिक दोनों पहले भी आपराधिक मामले में शामिल रहे हैं।
इससे क्लबों में धमाकों के बाद सोशल मीडिया पर गोल्डी बराड़ के नाम से एक पोस्ट भी वायरल हुई थी। इसमें “प्रोटेक्शन मनी’ के लिए यह धमाके करने की बात कही गई थी। कुछ ही देर में यह पोस्ट डिलीट भी हो गई थी। इससे पहले ट्राइसिटी में धमकाने के लिए फायरिंग की घटनाएं होती थी। यह पहली बार था कि ब्लास्ट कर क्लब मालिकों को धमकाया गया हो। मंगलवार सुबह सेक्टर-26 थाने और ऑपरेशन सेल से कुछ ही मीटर की दूरी पर तड़के 3.15 बजे कुछ सेकंड के अंतराल में डेओरा क्लब और रैपर बादशाह के “सेविली’ बार के बाहर यह दोनों ब्लास्ट हुए थे। हमलावरों ने अपनी पहचान छुपाने के लिए वारदात के वक्त हुड वाली जैकेट और लोई ओढ़ी हुई थी।
जानकारी के मुताबिक हमलावर ब्लॉस्ट की घटनाओं को अंजाम देने के बाद हमलावर चंडीगढ़ सेक्टर-49/50 लाइट प्वाइंट से होते हुए मोहाली एयरपोर्ट रोड पर आईजर लाइट प्वाइंट तक भागे थे। यहां तक की फुटेज पुलिस के पास है। इसके बाद बनूड़ आदि से होते हुए यह दप्पर टोल प्लाजा पहुंचे। वहां मोटरसाइकिल खड़ी कर बस से हिसार बायपास तक पहुंचे। यहां बहबलपुर में एक व्यक्ति से लिफ्ट लेकर आगे हिसार पहुंचे। यहीं से इनकी कोई फुटेज पुलिस तक पहुंची थी। आरोपियों की लोकेशन ट्रेस करने से लेकर मोबाइल डंप डाटा और सीसीटीवी फुटेज आदि खंगालने और जांच के लिए साइबर टीम(सेनकाॅप्स) की भी मदद ली गई थी। इंटेलीजेंट इनपुट और टेक्निकल इनपुट जुटाते हुए आरोपियों की पहचान की गई। हमलावरों के मोहाली तक निकलने पर पुलिस ने पंजाब पुलिस से भी कोर्डिनेट किया हुआ था और टीमें पंजाब भेजी हुई थी।
वहीं दूसरी ओर डिओरा क्लब के एक पार्टनर के साथी अर्जुन ठाकुर को यूटी पुलिस ने फिराैती मांगने की धाराओं में गिरफ्तार किया हुआ है। आरोपी पर क्लब के पार्टनर निखिल चौधरी को क्लब में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी और 50 हजार रुपये मंथली देने के लिए धमका रहा था। पुलिस ने उससे धमाकों में उसके रोल को लेकर पूछताछ की है। सूत्र बताते हैं कि फिलहाल धमाकों के पीछे उसका रोल सामने नहीं आया है।




