कॉमनवेल्थ में गोल्ड जीतने वाले अर्जुन अवॉर्डी को कैश रिवाॅर्ड की मांग खारिज, सरकार बोली- संशोधित स्कीम के तहत 55 किलो भार की कैटेगरी हट गई थी

चंडीगढ़। 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स में कुश्ती में स्वर्ण पदक जीतने और 2012 में राष्ट्रपति से अर्जुन अवॉर्ड पाने वाले हरियाणा पुलिस इंस्पेक्टर राजेंद्र कुमार की 8 लाख रुपये के कैश रिवाॅर्ड की मांग चंडीगढ़ जिला अदालत ने खारिज कर दी। सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार, जिसे मामले में पक्षकार बनाया गया था, ने कहा कि 5 सितंबर, 2019 की नीति के तहत याचिकाकर्ता कैश अवॉर्ड का हकदार नहीं है क्योंकि कुश्ती में 55 किलो भार की कैटेगरी ओलंपिक, कॉमनवेल्थ या एशियाई खेलों में शामिल नहीं थी। यह नीति 1 अप्रैल, 2017 से प्रभावी थी। ऐसे में याचिकाकर्ता का दावा खारिज कर दिया गया। सरकार के वकील ने तर्क दिया कि संविधान के अनुच्छेद 309 के तहत नियम और नीतियां बनाने का सरकार को अधिकार है। ऐसे में 7 सितंबर, 2018 की कैश अवॉर्ड स्कीम में संशोधन किया गया था। इस जवाब के बाद सिविल जज प्रमोद कुमार की अदालत ने याचिका खारिज कर दी।

राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई अवॉर्ड जीते कुरुक्षेत्र निवासी राजेंद्र कुमार, करनाल में पुलिस इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। वे करनाल के 5वें बटालियन, मधुबन पुलिस काॅम्प्लेक्स में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। उन्होंने वर्ष 2021 में हरियाणा सरकार और खेल एवं युवा मामले विभाग के प्रमुख सचिव तथा निदेशक, खेल एवं युवा कल्याण को पक्षकार बनाया था। उन्होंने कैश रिवाॅर्ड की मांग रद्द करने के हरियाणा सरकार के फैसले को हरियाणा सरकार की नीति के विरुद्ध, गैरकानूनी और अन्यायपूर्ण बताया था।

कहा गया था कि 15 दिसंबर, 2017 को दक्षिण अफ्रीका में आयोजित कॉमनवेल्थ कुश्ती चैंपियनशिप में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता था, जिसके लिए उन्हें 5 लाख रुपये मिलने थे। 15-18 नवंबर 2017 में दक्षिण अफ्रीका में सीनियर फ्रीस्टाइल कुश्ती में स्वर्ण पदक जीतने के लिए उन्हें 1.5 लाख रुपये और 2018 में एशियाई चैंपियनशिप में तीसरा स्थान प्राप्त करने के लिए 1.5 लाख रुपये मिलने थे। उन्होंने 7 सितंबर, 2018 की हरियाणा सरकार की अधिसूचना पर सवाल उठाए थे जिसे 5 सितंबर, 2019 को संशोधित किया गया था। याचिकाकर्ता ने कहा था कि वह स्कीम के तहत पूरी तरह से योग्य थे।उन्होंने कहा किउन्होंने राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई अवॉर्ड जीते हैं। 1997 से 2017 के बीच 16 प्रतियोगिताओं में कुल 7 स्वर्ण पदक जीते हैं। कॉमनवेल्थ खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के लिए उन्हें 2013 में हरियाणा पुलिस में इंस्पेक्टर बनाया गया था।

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