चंडीगढ़। शहर के एक गवर्नमेंट स्कूल में 6वीं क्लास की स्टूडेंट(11) को ब्लैकमेल कर 5 स्टूडेंट्स द्वारा उसका अनेक बार गैंगरेप करने का केस कोर्ट में गिर गया। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड से पांचों स्टूडेंट बरी हो गए। फरवरी, 2023 की घटना मई में सामने सामने आने पर पीड़िता के साथ पढ़ने वाले 10 साल के स्टूडेंट, 12 साल के स्टूडेंट्स, 13 साल के 2 स्टूडेंट व 14 साल के स्टूडेंट को गिरफ्तार किया गया था। यूटी पुलिस ने नाबालिग से गैंगरेप और धमकाने और पोक्सो एक्ट की धाराओं में मई, 2023 में यह केस दर्ज किया था। पुलिस ने इस संगीन मामले में सभी नाबालिगों को पकड़ जुवेनाइल होम भेज दिया था।
केस: पीड़िता ने कहा था कि 10 साल के आरोपी को वह जानती थी जिसके साथ मिल उसने चोरी भी की है। उस आरोपी का भाई व दो अन्य आरोपी भी उसे जानते थे। सब साथ मिल खेलते थे।
फरवरी, 2023 में 10 साल उम्र वाला आरोपी एक दिन खेलने के बहाने उसे एक पार्क में ले गया और अंधेरे में उसके साथ गलत काम किया। इसके कुछ दिन बाद दूसरा आरोपी खेलने के बहाने यह धमकी दे पार्क में ले गया कि सबको उसके बारे में बता देगा। पीड़िता पार्क में गई जहां 4 नाबालिग आरोपी पहले से मौजूद थे। पांचों आरोपियों ने बारी-बारी उसके साथ गलत काम किया। वहीं एक बार धमकाकर दो आरोपियों ने बिल्डिंग में उसके साथ गलत काम किया। इसके बाद पीड़िता ने इनके साथ जाने से मना कर दिया और पुलिस कार्रवाई की मांग की। पुलिस केस में काउंसलर्स, पीड़िता, उसकी मां, स्कूल प्रिंसीपल, डॉक्टर, पुलिसकर्मी आदि गवाह के रूप में शामिल थे।
इसलिए गिरा केस:
बचाव पक्ष के वकील सुनील कुमार पांडे के मुताबिक फरवरी, 2023 की कथित घटना में मई में जाकर गुड टच, बेड टच की क्लास के बाद शिकायत दर्ज करवाई गई। वहीं पीड़िता ने जिस टीचर को अपराध के बारे में जानकारी दी उसने कोर्ट में कहा कि बच्ची ने ऐसी कोई जानकारी नहीं दी थी। काउंसलर ने क्राॅस-एग्जामिनेशन के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा कि बच्चे काउंसलिंग के दौरान झूठ बोल सकते हैं। वहीं पीड़िता की मां के क्राॅस-एग्जामिनेशन के दौरान पूछा गया कि क्या उनके बेटी से संबंध अच्छे थे? जिसका जवाब हां आया तो वकील ने पूछा कि फिर बच्ची ने उन्हें घटना की जानकारी फरवरी में घटना के दौरान ही क्यों नहीं दी।
मेडिकल में भी रेप या प्राइवेट पार्ट पर किसी चोट की पुष्टि नहीं हुई थी। वहीं पीड़िता के बयानों में भी मतभेद आया था। एक जगह उसने कहा कि एक ही आरोपी ने गलत काम किया और एक बयान में कहा कि वहां दूसरा भी मौजूद था। मनोचिकित्सक की रिपोर्ट में आया कि पीड़िता के साथ पढ़ने वाला आरोपी बच्चा शारीरिक संबंध बनाने के लिए तैयार नहीं था। इसके अलावा जिस पार्क में यह घटना हुई वहां किसी ने क्यों नहीं देखा और पीड़िता ने शोर क्यों नहीं मचाया।




