चंडीगढ़। सुखना लेक से एक 20 वर्षीय लड़की की लाश मिली है। उसकी पहचान मनीमाजरा के न्यू दर्शनी बाग की पार्वती मिश्रा के रूप में हुई है। देर रात लड़की के लेक में छलांग मारने का पता चलते ही पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया मगर उसे बचाया नहीं जा सका। शुक्रवार सुबह उसका पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। फिलहाल लड़की द्वारा इस आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। वहीं शव के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। जानकारी के मुताबिक पार्वती रात लगभग 10 बजे घर से यह कहकर गई थी कि उसके किसी दोस्त का एक्सीडेंट हो गया है। इसके बाद रात को मनीमाजरा से सुखना लेक पहुंची जहां उसने यह कदम उठाया। उसे रात लगभग 11.30 बजे किसी राहगीर ने लेक में छलांग लगाते देखा और इसकी सूचना 112 पर पुलिस को दी। इसके तुरंत बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी।
लड़की को तुरंत सेक्टर-16 जीएमएसएच पहुंचाया गया मगर डाॅक्टरों ने उसे मृत घाेषित कर दिया। पता चला है कि मृतका आईटी पार्क में डीएलएफ में जॉब करती थी और उसके पिता पंचकूला बेल कंपनी में कार्यरत हैं। मृतका की 2 बहनें और 1 भाई है। परिवार मूलरुप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। पुलिस ने मृतका का मोबाइल बरामद किया है। फोरेंसिक जांच के लिए विसरा भेज दिया गया है। वहीं मोबाइल से काॅल और मैसेज डिटेल्स निकालने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस आत्महत्या के कारणों का पता लगाने में जुट गई है।
3 घंटे लगे सर्च में, किनारे पर चप्पल और मोबाइल छोड़ गई थी:
लेक पर बोटिंग इंचार्ज अशोक कुमार और उनके साथ किशन ने पार्वती को लगभग 3 घंटे की सर्च के बाद बाहर निकाला। लगभग साढ़े 11 बजे की घटना की जानकारी पुलिस द्वारा मिलते ही करीब 12 बजे मोटर बोट की मदद से लाइफ गार्ड्स ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। अंधेरा होने के चलते लड़की द्वारा छलांग लगाने की लोकेशन नहीं मिल रही थी। वहीं उसका परिवार भी मनीमाजरा ढूंढने के बाद लेक पर रेगुलेटरी एंड की तरफ से आ रहा था। यहां आगे टॉवर के पास लेक के किनारे युवती ने अपना मोबाइल और चप्पलें छाेड़ी थी। ऐसे में काफी देर सर्च के बाद लगभग 3 बजे वह नजर आई तो एक एंगल के माध्यम से उसे खींच बाहर निकाला गया मगर तब तक वह मर चुकी थी। सूत्रों से पता चला है कि लड़की डिप्रेशन में थी।




