चंडीगढ़। डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बार एसोसिएशन के इलेक्शन 28 फरवरी को ही होंगे। प्रेजीडेंट पोस्ट के केंडीडेट अशोक चौहान के केंडीडेचर से जुड़ा मुद्दा बार काउंसिल ऑफ़ पंजाब एंड हरियाणा देख रही है। मुद्दे पर डे-टू्-डे हियरिंग चली थी और 27 को इसमें फैसला आ सकता है। यह कहना है इलेक्शन कमेटी के रिटर्निंग अफसर देविंदर सिंह का। दरअसल एडवोकेट सतीश भारद्वाज ने अशोक चौहान के नॉमिनेशन को रद्द करने की मांग उठाई थी।
इसके पीछे डीबीए, चंडीगढ़, 2003 के संविधान को आधार बनाया था। कहा गया था कि संविधान किसी भी मेंबर को 3 बार से ज्यादा डीबीए प्रेजीडेंट पोस्ट पर बैठने से रोकता है। इस मुद्दे पर इलेक्शन कमेटी ने एक आर्डर जारी कर मौजूदा एग्जीक्यूटिव बाॅडी को रजिस्ट्रार ऑफ फर्म्स एंड सोसाइटीज, चंडीगढ़ से पूरे रिकार्ड का निरीक्षण करने को कहा था। वहीं डीबीए के पुराने सालों का निरीक्षण करें ताकि पता लगाया जा सके कि क्या 2003 के बाद से इन प्रावधानों की पालना हो रही है। साथ ही 25 फरवरी तक एक जनरल हाउस बुलाने को कहा गया था।
दविंदर सिंह ने कहा कि केस में सतीश भारद्वाज की शिकायत व मांगपत्र, इस पर एग्जीक्यूटिव कमेटी व अशोक चौहान का जवाब, आपत्तियां आदि बार काउंसिल को भेज दी गई थी। काउंसिल रोजाना इस केस में सुनवाई कर रहा था। अभी तक इलेक्शन पर रोक नहीं लगी है। काउंसिल ने इलेक्शन कमेटी को बार पर जनरल हाउस के लिए दबाव न बनाने को कहा था। 27 को बार काउंसिल द्वारा मामले में फैसला सुनाए जाने की संभावना है। हालांकि कमेटी की आेर से इलेक्शन की तैयारियां की जा रही हैं और तय तारीख पर ही इलेक्शन होंगे।
मुद्दे पर किसने क्या कहा था:
इलेक्शन कमेटी: संविधान के रजिस्ट्रेशन को लेकर कोई विवाद नहीं है। पुरानी बॉडीज द्वारा की गई उल्लंघनाओं को जारी नहीं रखने दिया जा सकता। 23 साल पुराने संविधान में महत्त्वपूर्ण संशोधन की भी जरूरत है क्योंकि इसमें उल्लंघना को लेकर दंडात्मक प्रावधान नहीं हैं।
एग्जीक्यूटिव बॉडी: पूर्व एग्जीक्यूटिव बॉडीज द्वारा संविधान की पालना से जुड़े 23 साल पुराने संबंधित रिकार्ड उपलब्ध नहीं है। इसे ढूंढने के लिए वक्त चाहिए।
अशोक चौहान: पूर्व प्रेजीडेंट एनके नंदा द्वारा इस संविधान के रजिस्ट्रेशन के बाद 5 बार से ज्यादा प्रेजीडेंट पोस्ट हासिल की गई थी। संविधान के रजिस्ट्रेशन के बावजूद इसके प्रावधान पूर्व एग्जीक्यूटिव बॉडी द्वारा सच्ची भावना से लागू नहीं हुए। ऐसे में यह अव्यवहारिक दस्तावेज हैं।
सतीश भारद्वाज: पूर्व में संविधान के प्रावधानों की पालना न होना निरंतर हो रही उल्लंघनाओं को औचित्यपूर्ण नहीं ठहराता। एक बार संविधान रजिस्टर्ड हो जाए तो पालना बाध्य है। पुरानी एग्जीक्यूटिव बाॅडी द्वारा इनकी पालना न करने को इसके प्रावधानों से बचने के लिए डिफेंस नहीं लिया जा सकता।
शेड्यूल
वोटिंग डे: 28 फरवरी
कुल वोट: 2243
टाइमिंग: सुबह 9.30 से शाम 4.30 तक
किस पोस्ट पर कौन:
प्रेजीडेंट: अशोक चौहान व सुनील टोनी
वाइस-प्रेजीडेंट: गगनदीप गोयल, गुरदेव सिंह और संदीप गुज्जर
सेक्रेटरी: अमीश शर्मा और विवेक मोहन शर्मा
ज्वाइंट सेक्रेटरी: पूजा दिवान(निर्विरोध इलेक्टिड)
ट्रेजरर: बलवंत सिंह, उज्जवल, मंदीप सिंह कलेर व सुनील कुमार पांडे
लाइब्रेरी सेक्रेटरी: अरूण जांगरा व दिनेश कुमार




