3 से 7 तक ट्रैफिक चालान की स्पेशल कोर्ट लगेंगी और 8 को नेशनल लोक अदालत

चंडीगढ़। सिटी ब्यूटीफुल में ट्रैफिक चालान तेजी से बढ़ रहे हैं और वर्चुअल कोर्ट व हाईब्रिड वीसी के बावजूद लोग सस्ते में चालान छुड़वाने के लिए डिस्ट्रिक्ट कोर्ट पहुंच रहे हैं और दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। इसे लेकर सीजेएम सचिन यादव ने साफ किया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत 23 सितंबर, 2023 के बाद हुए ट्रैफिक चालान वर्चुअल कोर्ट से ही छुटेंगे। वहीं किसी को अगर चालान को चैलेंज(कंटेस्ट) भी करना है तो वह हाईब्रिड वीसी की सुविधा के जरिए ऑनलाइन घर बैठे कोर्ट में पेश हो सकते हैं। इससे कोर्ट का वर्क लोड भी कम होगा। वहीं ऑफेंडर्स का वक्त और पैसा भी बचेगा। हालांकि जिन ऑफेंस में डॉक्यूमेंट जब्त है या वह नॉन-कंपाउंडेबल आॅफेंस है उनमें कोर्ट में ही पेश होना होगा।

सीजेएम ने कहा कि हजारों ट्रैफिक चालानों का निपटारा एक ही दिन में लोक अदालत के दौरान करना मुश्किल साबित हो रहा है। इसलिए 3 से 7 मार्च तक ट्रैफिक चालानों को समर्पित स्पेशल लोक अदालतें लगाई जा रही हैं। इनमें पहुंच लोग सितंबर, 2023 से पहले के और उसके बाद नॉन-कंपाउंडेबल चालान फिजिकल मोड में पेश हो छुड़वा सकते हैं। इसके बाद 8 मार्च को नेशनल लोक अदालत में बाकी केसों के अलावा ट्रैफिक चालान भी भुगते जाएंगे। सीजेएम ने बताया कि जिन ट्रैफिक वॉयलेशंस के मैसेज मोबाइल पर चालान भुगतने के लिए वर्चुअल कोर्ट पर नहीं आते वह ई-चालान पोर्टल पर जाकर छुड़वाए जा सकते हैं। वर्चुअल पर 30 दिनों बाद चालान अपलोड होता है।

सतर्क रहें:
सीजेएम ने कहा कि अक्सर लोगों की गाड़ियों के चालान पेंडिंग होते हैं और वह सिर्फ एफिडेविट के आधार पर पुराने चालान भरे बिना गाड़ी बेच देते हैं। ऐसे में खरीददार को दिक्कत आती है। वहीं कई बार गाड़ी कागजों में ट्रांसफर नहीं होती और इसके चालान होने पर पुराने ऑनर को मैसेज आते हैं। ऐसे में बिना आरएलए क्लीयरेंस के गाड़ी न बेचें और न ही खरीदें। वहीं कहा कि चालान भुगतने के लिए लोग सीधा कोर्ट रिसेप्शन पर संपर्क करें और कोर्ट के बाहर एजेंट्स से बचना लोगों की खुद की जिम्मेदारी है।

Share it :

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!