चंडीगढ़। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी के भतीजे आकांक्ष सेन हत्याकांड में तीन सुनवाइयों पर स्टेटस रिपोर्ट पेश न करने पर क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर अशोक कुमार को 9 जनवरी को कोर्ट में पेश होना पड़ेगा। उनके एक श्योरिटी के साथ 10 हजार रुपये के जमानती वारंट जारी हो रखे हैं। वह केस में जांचकर्ता अफसर(आईओ) हैं। कोर्ट ने 8 नवंबर को केस में ताजा स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के हुक्म दिए थे। जिसके बावजूद 9 दिसंबर, 17 दिसंबर और 18 दिसंबर की सुनवाई पर भी स्टेटस रिपोर्ट पेश नहीं की गई थी। वर्ष 2017 में बीएमडब्ल्यू के नीचे कुचल आकांक्ष की हत्या करने के मामले में अहम आरोपी बलराज सिंह रंधावा अभी तक यूटी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है। केस की जांच क्राइम ब्रांच के पास है। 18 दिसंबर को वह ज्युडीशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश नहीं हुए थे।
9 फरवरी, 2017 को सेक्टर-3 थाने में हत्या की धारा में यह केस दर्ज हुआ था। हरमेहताब सिंह उर्फ फरीद को पहले की डिस्ट्रिक्ट कोर्ट से नवंबर, 2019 में उम्रकैद की सजा हो चुकी है। वहीं मुख्य आरोपी बलराज रंधावा फरार है। उसकी लोकेशन कैनेडा की पाई गई थी। जिसके बाद उसके एक्स्ट्राडिशन की प्रक्रिया के लिए डोजियर आगे भेजा गया था। उसकी प्रॉपर्टी भी अटैच हो चुकी है। पुलिस ने केस में 8 नवंबर को एक्स्ट्राडिशन को लेकर पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई की जानकारी दी थी। जिस पर कोर्ट ने आईओ को ताजा स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के हुक्म दिए थे। मृतक आकांक्ष के पिता अरूण सेन ने बलराज रंधावा की गिरफ्तारी की मांग को लेकर वर्ष 2023 में डिस्ट्रिक्ट काेर्ट में एक अर्जी दायर की थी। जिस पर कोर्ट ने पुलिस काे स्टेटस रिपोर्ट फाइल करने के आदेश दिए थे। आरोप के मुताबिक रंधावा ने ही 9 फरवरी, 2017 को कई बार बीएमडब्ल्यू के नीचे कुचल आकांक्ष की हत्या की थी। उसे 2017 में ही भगोड़ा करार दे दिया गया था।




