चंडीगढ़: मसीह एकता सभा, पंजाब के एक प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से मुलाकात कर ईसाई धर्म प्रचार की आड़ में गलत कार्य करने वाले लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भी सौंपा और कहा कि असली बेअदबी तो पवित्र बाइबल के साथ हो रही है।

सभा के महासचिव सुखजिंदर गिल, जो कैथोलिक चर्च, सेक्टर 19, चंडीगढ़ के सदस्य भी हैं, ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि पिछले कुछ सालों से पंजाब और चंडीगढ़ सहित अन्य प्रदेशों में भी ईसाई धर्म प्रचार की आड़ में कुछ व्यक्ति भ्रामक दावे कर इस धर्म को बदनाम कर रहे हैं, जबकि उनका ईसाई धर्म से कोई संबंध भी नहीं है। ये लोग भोले-भाले लोगों को उनकी बीमारियों और मुसीबतों से छुटकारा दिलाने का दावा करके पैसे ऐंठ रहे हैं। वे पानी और तेल की बोतलें बेच रहे हैं और लोगों के जीवन के बारे में भविष्यवाणियां करके अंधविश्वास को बढ़ावा दे रहे हैं।
प्रतिनिधिमंडल में द सुप्रीम क्रिश्चियन रिलीजियस एसोसिएशन, पंजाब के संस्थापक अध्यक्ष बिशप डॉ. अल्फ्रेड जेम्स, बिशप एक्शन कमेटी, पंजाब के अध्यक्ष बिशप रॉबर्ट डेनियल और पूरे पंजाब से आए हुए बिशप, पास्टर्स और कई ईसाई जत्थेबंदियों के प्रधान एवं पदाधिकारी शामिल थे। उन्होंने बताया कि ईसाई धर्म के धर्मगुरुओं और ईसाई अधिकारियों ने इन्हें समझाने के प्रयास किए और बात न मानने पर जिलाधिकारियों तक इनकी शिकायतें भी कीं, परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सुखजिंदर गिल, जो जनहित समाज सेवा के अध्यक्ष भी हैं, ने बताया कि ये लोग अपना मकड़जाल सोशल मीडिया के माध्यम से फैलाते हैं और भोले-भाले लोगों का मानसिक और धार्मिक शोषण करते हैं। वे यूट्यूब और फेसबुक पेजों पर भूत-प्रेत निकालने, भविष्यवाणियों और बीमारियों के ठीक होने के वीडियो डालते हैं और पवित्र बाइबल का गलत प्रचार कर लोगों में अंधविश्वास फैलाते हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने इनकी जांच कर उचित कार्रवाई करने और इनकी सोशल साइट्स को बंद करने की मांग की। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सारी बात ध्यानपूर्वक सुनी और इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।




