चंडीगढ़। अभी तक यह माना जा रहा था कि 3 अगस्त, 2024 को डिस्ट्रिक्ट कोर्ट कांप्लेक्स में पंजाब पुलिस के पूर्व एआईजी मालविंदर सिंह सिद्धू मीडिएशन सेंटर में हियरिंग के दौरान वाशरूम जाने के लिए निकले और उनका दामाद रास्ता दिखाने के बहाने बाहर आया और कुछ ऐसा हुआ कि मालविंदर ने गुस्से में आकर दामाद की गोलियां चला हत्या कर दी। वहीं पुलिस केस में सामने आया है कि मालविंदर ने खुद अपने दामाद को मीडिएशन रूम से बाहर बुलाया था और उसकी गोलियां मार हत्या की थी।
पुलिस ने केस में मृतक हरप्रीत की मां को शिकायतकर्ता बनाया है जिनके बयानों में यह बात सामने आई है। हत्या और आर्म्स एक्ट धारा में दर्ज यह केस पुलिस चार्जशीट के बाद सेशंस कोर्ट में ट्रांसफर हो गया है और अब 29 जनवरी को चंडीगढ़ निवासी मालविंदर पर चार्ज फ्रेम को लेकर बहस होगी।34 साल का हरप्रीत इंडियन सिविल अकाउंट सर्विसेज(आईसीएएस) का 2011 बैच का अफसर था। वह यूनियन मिनिस्ट्री एंड फार्मर्स वेल्फेयर के कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स के नई दिल्ली स्थित ऑफिस में पोस्टेड था। उसकी मालविंदर सिंह की बेटी से 9 जुलाई, 2020 को शादी हुई थी। हालांकि यह लंबी नहीं चली और हरप्रीत ने कोर्ट में तलाक का केस दायर किया हुआ था।
मेट्रिमोनियल केस को लेकर सर्विस ब्लॉक की सेकंड फ्लोर पर मीडिएशन सेंटर में दोनों पक्षों की हियरिंग चल रही थी जब वह वारदात हुई। मालविंदर विदेश में रह रही अपनी बेटी की तरफ से पेश हो रहे थे। जिस वक्त गोलियां चली तब कई लोग सेंटर में अपने केसों की सुनवाई के लिए पहुंचे हुए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक गोलियाें की आवाज सुन कई लोग हॉल से कमरों की ओर भागे थे और अंदर से कुंडियां लगा ली थी।पुलिस को मौके से गोलियों के छर्रे, जिंदा कारतूस और ब्लड बिखरा मिला था। हरप्रीत को पहले ही एक एडवोकेट पर्सनल कार में पीजीआई ले गया था जहां उसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। इससे पहले गोलियां लगने के बाद काफी देर वह सर्विस ब्लॉक कॉरीडोर में ही तड़पता रहा था।
मालविंदर से पिस्टल छीन उसे कमरे में बंद कर दिया था और बाद में लेडी एएसआई अनिता व अन्यों ने उसे पुलिस ने हवाले किया था। मौके पर सीएफएसएल और मोबाइल फोरेंसिक टीम भी पहुंची थी। घटना की वीडियोग्राफी कर ई-साक्ष्य एप के जरिए अपलोड की गई थी। पुलिस ने माैके से वारदात में इस्तेमाल पिस्टल भी बरामद कर ली थी। पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया था। वहीं सुबह साढ़े 9 से दोपहर 3 बजे तक की कोर्ट के एग्जिट गेट, पार्किंग एरिया व एक चैंबर की सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ली थी। जिसे फोरेंसिक जांच के लिए भिजवाया गया था।
शिकायतकर्ता के मुताबिक मालविंदर सिंह की बेटी से उनके बेटे से शादी के बाद झगड़े शुरू कर दिए थे। उसने और उसके परिवार ने झूठे केस दायर करवाने शुरू कर दिए। उनके बेटे का शोषण शुरू कर दिया। मृतक की मां ने अपने एक एक रिश्तेदार पर भी वारदात में साजिशकर्ता के रूप में शामिल होने के आरोप लगाए थे मगर पुलिस जांच में उसका रोल नहीं आया था। 2021 की एक शिकायत पर हरप्रीत पर दहेज प्रताड़ना का केस भी दर्ज हुआ था और वह सस्पेंड भी रहा था। इसके बाद उसने क्रूरता के आरोप लगा पत्नी से तलाक का केस दायर किया था।




