चंडीगढ़। बिना गवाहों की मौजूदगी के मैरिज सर्टिफिकेट(निकाहनामा) में फर्जीवाड़ा कर कथित रूप से एक ऑटो में निकाह करने वाले दंपती रूचि घोष और आसिफ खान की जमानत अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी है। रूचि घोष की जमानत अर्जी दूसरी बार खारिज हुई है। इस मामले में हाईकोर्ट ने संदिग्ध गैरकानूनी धर्मांतरण का मामला प्रतीत होने पर सीबीआई को जांच के आदेश भी दिए हुए हैं। दरअसल जोड़े ने निकाह के बाद जुलाई में हाईकोर्ट में सुरक्षा के लिए याचिका दायर की थी। निकाह संदिग्ध मिलने पर पुलिस जांच के आदेश हुए थे। इसके बाद सेक्टर-11 थाना पुलिस ने फतेहगढ़ साहिब की 22 वर्षीय रूचि घोष और उसके पति काे गिरफ्तार किया था।
फतेहगढ़ साहिब के हरमनदीप सिंह की शिकायत पर 23 अगस्त को धोखाधड़ी व जालसाजी की धाराओं में यह केस दर्ज हुआ था शिकायतकर्ता समेत अमनदीप सिंह को इस निकाह में कागजों में गवाह दिखाया गया जबकि वह इस निकाह के दौरान मौजूद ही नहीं थे। इससे पहले निकाह करवाने वाले मौलवी पंचकूला के गांव टिब्बी के शकील अहमद को पुलिस ने 24 अगस्त को ही गिरफ्तार कर लिया था।
नयागांव में निकाह का दावा था:
जानकारी के मुताबिक दंपती ने दावा किया था कि नयागांव(माेहाली) की एक मस्जिद में 6 जुलाई को निकाह किया गया। युवती ने अपने परिजनों ने जान का खतरा बताया था। पुलिस सुरक्षा मुहैया करवाए जाने की मांग की गई थी। जिस पर पंजाब सरकार को नोटिस जारी हुआ था। पंजाब सरकार ने जवाब में हाईकोर्ट को बताया था कि जब दंपती को सुरक्षा देने के लिए उनसे संबंधित पते पर संपर्क किया गया तो वह वहां नहीं मिले। हाईकोर्ट ने काजी द्वारा जारी निकाहनामे को देखने पर पाया था कि इसकी तस्वीरों से प्रतीत होता है कि निकाह मस्जिद में नहीं हुआ। वहीं गवाहों में से भी कोई तस्वीरों में नहीं था। जिसके बाद ऑटो में निकाह की बात सामने आई थी। जिसे लेकर फतेहगढ़ साहिब के एसएसपी को मामले में विस्तृत जांच के आदेश दिए गए थे। पुलिस जांच से असंतुष्टि जताते हुए हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए थे।




