चंडीगढ़। पंजाब की पूर्व केबिनेट मंत्री अनमोल गगन मान की अग्रिम जमानत अर्जी एडिशनल सेशंस जज रजनीश गर्ग की कोर्ट ने खारिज कर दी है। वह सेक्टर-39 थाने में 29 अगस्त, 2021 को सरकारी हुक्मों की उल्लंघना करने, चोट पहुंचाने, सरकारी कर्मी की ड्यूटी मेंे बाधा पहुंचाने और कर्मी पर ड्यूटी के दौरान हमला करने/आपराधिक बल का प्रयोग करने की धाराओं में दर्ज केस में आरोपी हैं। केस में मान समेत बाकी आरोपियों को पहले अग्रिम जमानत मिल गई थी। 1 जुलाई, 2024 काे मान को नियमित जमानत मिली थी। हालांकि 21 दिसंबर को वह बिना बताए कोर्ट कार्रवाई से गैर-हाजिर रही। ऐसे में उनकी जमानत रद्द कर गैर-जमानती वारंट जारी हुए। जिसके बाद मौजूदा अग्रिम जमानत अर्जी दायर की गई।
कोर्ट ने कहा कि ट्रायल फाइल देख पता चलता है कि आरोपी कोर्ट में पेश हो रही थी और पेशियों से छूट मांग रही थी व 21 दिसंबर को पहली बार ट्रायल से गैर5हाजिर रही। मौजूदा केस के तथ्यों को देख मान की जमानत अर्जी खारिज कर दी गई। हालांकि मान को आदेश दिए गए हैं कि वह 15 दिन में ट्रायल काेर्ट में पेश हाे और वहां नियमित जमानत की अर्जी दायर करे। ट्रायल कोर्ट को आदेश दिए गए हैं कि कानून के मुताबिक जल्द उस पर फैसला(कोशिश करें एक दिन में) लें। उसमें इस बात का ध्यान रखें कि आरोपी-अर्जीकर्ता कोर्ट की मंजूरी के बिना सिर्फ एक बार गैर-हाजिर रही।
मौजूदा अर्जी पर सुनवाई को लेकर कोर्ट ने मामले में पुलिस को नोटिस जारी कर ट्रायल कोर्ट से केस का रिकार्ड भी समन किया। केस में एएसआई महाबीर सिंह शिकायतकर्ता थे। पुलिस काे सूचना मिली थी कि आप विंग के लीडर्स सेक्टर-37 पंजाब बीजेपी ऑफिस इकट्ठा हो रहे हैं। पुलिस ने वहां अनमोल गगन मान व अन्य लीडर्स समेत कार्यकर्ताओं को देखा। उन्हें समझाने की कोशिश की गई मगर वह नहीं माने। आरोपी मान व अन्यों ने बेरीकेडिंग तोड़ने की कोशिश की और बाकी कार्यकर्ताओं को भड़का रहे थे। इन्होंने पुलिसकर्मियों को चोटें भी पहुंचाई थी और पुलिसकर्मियों का हॉस्पिटल में इलाज हुआ था। 4 महिला पुलिसकर्मी चोटिल हुई थी। मजिस्ट्रेट राजीव तिवारी के आदेशों पर वाटर केनन चलाई गई थी। दूसरी ओर मान व अन्य लगातार स्लोगन के जरिए कार्यकर्ताओं को भड़का रहे थे। ऐसे में पुलिस ने केस दर्ज किया था।




