बंटी-बबली के नाम से मशहूर मुकुल गर्ग कार्ड क्लोनिंग के 3 केसों में बरी, रमनदीप की कस्टडी में हो गई थी मौत

चंडीगढ़। बंटी-बबली के नाम से मशहूर धोखाधड़ी, जालसाजी और आईटी एक्ट के कई केसों में आरोपी रहे मुकुल गर्ग और रमनदीप कौर में से मुकुल गर्ग सेक्टर-39 थाने मंे दर्ज ऐसे 3 केसों में बरी हो गया है। वहीं रमनदीप(29) भी इन केसो में आरोपी थी मगर उसकी एक केस में लुधियाना पुलिस कस्टडी में अगस्त, 2017 में मौत हो गई थी। थाने के वॉशरूम में ही दुपट्‌टे से लटकी उसकी लाश मिली थी। इससे पहले जुलाई, 2013 में सेक्टर-17 थाने में दर्ज धोखाधड़ी के एक अन्य मामले में 2017 में मुकुल और रमनदीप बरी हो गए थे। इन पर पंजाब व चंडीगढ़ में कार्ड क्लोनिंग फ्रॉड से जुड़े केस दर्ज थे। मुकुल की आेर से पेश वकील अंकुर चौधरी ने दलील दी कि पुलिस जांच में कई खामियां थी। मसलन केस में कोई स्वतंत्र गवाह नहीं था। पेश सीसीटीवी में मुकुल नहीं दिखा था। कार्ड रीडर मशीन को लेकर सीएफएसएल की कोई पुख्ता राय नहीं आई थी। रमनदीप कौर के स्पेसिमेन सिग्नेचर टैली नहीं हुए थे। वहीं जिन कार्ड क्लोनिंग की बात कही गई उन वास्तविक कार्ड को पुलिस ने कब्जे में नहीं लिया था।

रमनदीप ने 9 नाम रखे हुए थे:
पुलिस केस के मुताबिक लुधियाना की रमनदीप की कई फर्जी पहचान थी। पुलिस चालान में उसका नाम रमनदीप कौर उर्फ सीमा उर्फ कुसुम उर्फ हरप्रीत उर्फ श्वेता गोयल उर्फ गुरप्रीत गोयल उर्फ इंद्रजीत काैर उर्फ पुष्पिंदर उर्फ मंजीत कौर था। मुकुल गर्ग और उसकी लिव-इन-पार्टनर रमनदीप पर धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज थे। मुकुल के मुताबिक वह रमनदीप से शादी करने वाला था और वह उसकी मंगेतर थी। रमनदीप की माैत को संदिग्ध बता मुकुल ने हाईकोर्ट से सीबीआई जांच की भी मांग की थी।

दिल्ली-गुरुग्राम से शॉपिंग की थी:
सेक्टर-39 थाने में दर्ज 3 केसों में से एक में सेक्टर-37 के गुरिंदर सिंह सहोता शिकायतकर्ता थे। उनका एक्सिस बैंक का गोल्ड क्रेडिट कार्ड था। 4 दिसंबर, 2012 को उन्हें एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड से 5 गैरकानूनी ट्रांजेक्शंस की जानकारी प्राप्त हुई थी। इसमें 99,891 रुपये की ट्रांजेक्शन शामिल थी। सेमसंग ओपन वर्ल्ड, रेलिगेयर वैलनेस लिमिटेड और एश्रे कम्यूनिकेशन, गुरूग्राम में शॉपिंग की गई थी। आरोपियों ने 36,900 रुपये का सेमसंग मोबाइल भी खरीदा था। जबकि कार्ड उस दौरान शिकायतकर्ता के ही पास था। इसी तरह एक दूसरा केस सेक्टर-38ए के कुणाल ठाकुर की शिकायत पर दर्ज हुआ था। उनका आईसीआईसीआई बैंक का क्रेडिट कार्ड था। उन्हें 9 दिसंबर, 2012 को बैंक का मैसेज आया कि उनके कार्ड से 24,500 रुपये की ट्रांजेक्शन हुई है।

इस केस में भी कार्ड शिकायतकर्ता के पास ही था। दिल्ली के द्वारका में इस कार्ड से 2 मोबाइल फोन की शॉपिंग हुई थी। इस केस में जब रमनदीप को पकड़ा गया था तो पुलिस ने 10 एटीएम/क्रेडिट/वीजा कार्ड बरामद करने का दावा किया जिनमें 4 मैग्नेटिक स्ट्रिप वाले 4 ब्लैंक कार्ड, 1 एटीएम क्लोनिंग मशीन, 2 मोबाइल, 3 फर्जी वोटर कार्ड बरामद किए थे। वहीं मुकुल से 11 एटीएम/वीजा/क्रेडिट कार्ड/मेग्नेटिक स्ट्रिप वाले 2ब्लैंक कार्ड, 3 मोबाइल फोन, लेपटॉप, फर्जी पहचान पर दो लाइसेंस बरामद हुए थे।

Share it :

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!