चंडीगढ़। सीबीआई ने चंडीगढ़ पुलिस की क्राइम ब्रांच के पूर्व इंचार्ज सब इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों समेत कुल 7 पुलिसकर्मियों के खिलाफ 2022 में डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के बाहर से एक डेंटिस्ट के कथित अपहरण के मामले में एफआईआर दर्ज की है। इनमें सेखों के अलावा एसआई सुरेश कुमार, एएसआई अजमेर सिंह, हेड कांस्टेबल अमित कुमार, कांस्टेबल विकास हुड्डा, सुभाष और नीरज कुमार शामिल हैं।
इससे पहले इंस्पेक्टर हरिंदर सेखों को दिसंबर 2024 में एक भ्रष्टाचार के मामले में विभागीय जांच के बाद विभाग द्वारा डिमोट कर एसआई बना दिया गया था। सेखों और उसकी पत्नी के खिलाफ सीबीआई ने आय से अधिक सम्पत्ति का भी केस दर्ज किया हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट ने 6 अगस्त 2023 को डॉक्टर किडनेपिंग मामले की जाँच सीबीआई को सौंप दी थी, जिसमें एजेंसी को डॉक्टर मोहित धवन द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच करने का निर्देश दिया गया था। धवन ने आरोप लगाया था कि 7 जनवरी, 2022 को सुबह करीब 10.30 बजे सेक्टर 43 कोर्ट कॉम्प्लेक्स से पुलिसकर्मियों ने उनका अपहरण किया था और बाद में शाम को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। सीबीआई ने अपनी प्रारंभिक जांच में उल्लेख किया था कि धवन उस दिन कोर्ट कॉम्प्लेक्स में मौजूद थे और चार पुलिसकर्मी उन्हें जबरदस्ती एक कार में ले गए थे। सीबीआई ने नोट किया कि धवन की गिरफ्तारी उसी दिन शाम 6.32 बजे आईएसबीटी, सेक्टर 43 से दिखाई गई थी।
धवन को अगले दिन कोर्ट में पेश किया गया और सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। बाद में उन्हें 4 फरवरी, 2022 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया और कथित तौर पर 5 फरवरी को रिहा कर दिया गया। प्रारंभिक जांच के निष्कर्षों के आधार पर, सीबीआई ने अपहरण का मामला दर्ज किया है।




