चंडीगढ़। चंडीगढ़ और पंजाब पुलिस के 2 मुलाजिमों समेत कुल 7 आरोपी सेक्टर-22 में हुए सागर(19) हत्याकांड में बरी हो गए हैं। एडिशनल सेशंस जज की कोर्ट ने यह फैसला दिया है। इससे पहले वारदात के वक्त घटनास्थल पर मौजूद मृतक के दोस्त कोर्ट में मुकर गए थे। ऐसे में केस साबित न होने की सूरत में सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया। सेक्टर-17बस स्टैंड चौक के पास सुबह लगभग 5 बजे यह वारदात हुई थी। पंजाब पुलिस जवान दिलावर सिंह पर आरोपियों को पनाह देने के आरोप थे। वारदात में यूटी पुलिस का जवान कमल सिंह भी था।
21 अगस्त, 2022 को हुई वारदात में राम दरबार कॉलोनी के सागर(19) की जान चली गई थी। बरी होने वालों में मोनू जैसवाल, सोनू जैसवाल, क्षितिज उर्फ चैरी, सूरज उर्फ अंबू, कमल सिंह, करण पंवार और दिलावर शामिल हैं। सेक्टर-17 थाना पुलिस ने हत्या, हत्या के प्रयास, जानलेवा हथियार से चोट पहुंचाने, किसी अपराधी को पनाह देने और सांझी सोच की धारा के तहत केस दर्ज किया था। पंजाब पुलिस कांस्टेबल दिलावर सिंह पर हमलावरों को पनाह देने के आरोप थे।
केस के मुताबिक मृतक इंडस्ट्रियल एरिया, फेज-2 में एक फैक्ट्री में काम करता था। उसके दोस्त नीतिश और विशाल इस हमले में घायल हो गए थे। वह भी राम दरबार कॉलोनी के रहने वाले थे। इन्होंने वारदात से पहले रात में गांव फैदां में अपने दाेस्त नितिन का जन्मदिन मनाया था। इसके बाद सब दोस्त सेक्टर-22 में चाय पीने निकले थे। इनमें सागर, विशाल, नितिश, पंकज और जतिन था। सुबह लगभग 5 बजे यह सेक्टर-22 पहुंचे। जैसी ही इनकी गाड़ी पार्किंग में पहुंची तो देखा कि गलत दिशा से आती एक कार ने पार्किंग के पास पैदल व्यक्ति को टक्कर मार दी। वह कार से उतर उसकी मदद करने लगे। उसी दौरान दूसरी कार में सवार हमलावर युवकों से बहस हुई और उन्होंने तेजधार हथियार, डंडे आदि से हमला कर दिया। बचाव पक्ष के वकील रबिंद्रा पंडित, विजय कुमार ने दलीलें पेश करते हुए कहा था कि आरोपियों को झूठा फंसाया गया था। उन्हें दोषी साबित करने के सबूत नहीं हैं।




