चंडीगढ़। चंडीगढ़ क्लब के 16 नवंबर को प्रस्तावित चुनाव से पहले डिस्ट्रिक्ट काेर्ट में एक केस दायर हुआ है। क्लब के मौजूदा प्रेजीडेंट संदीप साहनी और प्रेजीडेंट पोस्ट के उम्मीदवार सुनील खन्ना ने कंवलजीत सिंह वालिया, नवनीत मोदी समेत गूगल को पार्टी बनाते हुए उनके खिलाफ प्रेस और सोशल मीडिया अकाउंट्स पर पब्लिश करवाई जा रही झूठी स्टेटमेंट पर रोक लगाने की मांग की है। मामले में 11 नवंबर के लिए कोर्ट ने कंवलजीत सिंह वालिया, नवनीत मोदी और गूगल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट ने पाया कि प्रथम-दृष्टता में अंतरिम राहत पाने के उद्देश्य से शिकायतकर्ता के हक में केस बनता है। ऐसे में कोर्ट ने दूसरे पक्ष को आदेश दिए हैं कि केस में अगले आदेशों तक वह अपने साेशल मीडिया अकाउंट पर ऐसी स्टेटमेंट पोस्ट न करें।
कोर्ट से मांग की गई है कि वालिया और मोदी को मानहानिपूर्ण, झूठे, बिना वेरिफाई किए और गलत बयान उनके सोशल मीडिया अकाउंट(फेसबुक, व्हट्सएप, इंस्टाग्रााम, आदि) समेत न्यूजपेपर्स में पब्लिश करवाने और सर्कुलेट करने से रोका जाए। वहीं इन्हें आदेश दिए जाएं कि केस की पेडेंसी के दौरान इस तरह के बयान अपने सोशल मीडिया से हटाएं क्योंकि इससे उनकी छवि और प्रतिष्ठा को भारी ठेस पहुंची है। मामले में कोर्ट को ऐसी स्टेटमेंट का रिकार्ड भी पेश किया गया। वहीं 25 अक्टूबर को एडवाइजर को लिखी लेटर की कॉपी भी दिखाई गई। याची संदीप साहनी का कहना है कि वह कई सालों से चंडीगढ़ क्लब के प्रेजीडेंट हैं। उनकी क्लब में काफी प्रतिष्ठा है।
वहीं सह-याची सुनील खन्ना क्लब के पूर्व प्रेजीडेंट हैं और प्रेजीडेंट पोस्ट का चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं कंवलजीत सिंह वालिया आउटस्टैंडिंग लीज पेमेंट जमा नहीं करवा रहे थे। वहीं नवनीत मोदी की क्लब मेंबरशिप नॉन-पेमेंट ऑफ ड्यू और गैरकानूनी गतिविधियों के चलते कैंसिल हो गई थी। जिसके चलते वह याची पक्ष के खिलाफ द्वेष रखे हुए थे। याची समेत उनकी चुनी हुई बॉडी ने क्लब चुनाव की तारीख 16 नवंबर तय कर रखी है। ऐसे में वालिया-माेदी ऐसी गलत स्टेटमेंट से उनकी और क्लब की छवि को खराब करने में लगे हुए हैं। इसके अलावा माेदी उनके खिलाफ झूठी आपराधिक शिकायतें भी दे रहे हैं




