चंडीगढ़। घुटनों की सर्जरी के लिए चंडीगढ़ से बेंगलुरू जाने और वापसी में एक 70 वर्षीय बुजुर्ग और 2022 में घुटनों की सर्जरी करवाने वाली उनकी 67 वर्षीय पत्नी को भारी मानसिक और शारीरिक पीड़ा सहनी पड़ी थी। इस मामले में कंज्यूमर कमीशन ने इंडिगो एयरलाइंस को आदेश दिए हैं कि शिकायतकर्ता पति-पत्नी को आई मानसिक और शारीरिक पीड़ा के चलते 50-50 हजार रुपये हर्जाना भरे। सेक्टर-46ए निवासी 70 वर्षीय सुनील जंड और उनकी पत्नी वीना कुमारी ने इंडिगो एयरलाइंस के खिलाफ इसी साल यह शिकायत दायर की थी। जिसके मुताबिक सुनील जंड ने पत्नी के साथ 11 अक्तूबर, 2023 को चंडीगढ़ से बेंगलूर जाने के लिए टिकटें और दो व्हील चेयर्स बुक करवाई थी। उनके मुताबिक इंडिगो कर्मियों के व्यवहार और सर्विस न देने के चलते उन्हें बेहद परेशानी आई थी।
सुनील जंड के आरोप के मुताबिक चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर उन्हें व्हील चेयर्स उपलब्ध नहीं करवाई गई। इसके चलते उन्हें बेहद दिक्कत का सामना करना पड़ा। 35-40 फीट दूर चैक-इन काउंटर तक जाने में ही काफी परेशानी हुई। फ्लाइट बोर्डिंग में एक घंटा था। शिकायतकर्ता दंपती ने इंडिगो कर्मी को उन्हें फर्स्ट फ्लोर पर बिजनेस लांज तक ड्रॉप करने और समय पर बोर्डिंग करवाने को कहा। हालांकि करीब आधा घंटा तक कोई नहीं आया। वह किसी तरह गेट नंबर-3 पर पहुंचे और एक महिला कर्मी को इसके बारे में बताया। कर्मी ने माफी मांगने की बजाय बहस की। 4:40 बजे उन्हें व्हील चेयर दी गई तब जाकर वह फ्लाइट में चढ़े। यही नहीं, बेंगलूर एयरपोर्ट पर भी कर्मी शिकायतकर्ता दंपती को व्हील चेयर पर सामान के साथ एयरपोर्ट के एक्जिट गेट पर छोड़ चले गए। उनके इंतजार में दंपती रात 9 बजे तक वहीं रहे। एक इंडिगो कर्मी का कंधा लेकर वह टैक्सी स्टैंड तक पहुंचे।
कस्टमर केयर पर शिकायत देने के बाद उन्हें 2 हजार रुपये ऑफर कर माफी मांगते हुए शिकायत क्लोज कर दी गई। जबकि संबंधित कर्मियों पर कार्रवाई नहीं की। इस 2 हजार रुपये को शिकायतकर्ता ने मजाक बताते हुए उनकी तकलीफ न समझने का आरोप लगाया। चंडीगढ़ वापसी के दौरान सिर्फ एक व्हील चेयर ही मिली, शिकायतकर्ता की पत्नी उसे पकड़ आगे बस तक पहुंची, उनकी भी 2022 में घुटनों की सर्जरी हुई थी। वह काफी तकलीफ में थी। मामले की सुनवाई के दौरान इंडिगो की ओर से किसी के पेश न होने पर उन्हें एक्सपार्टी कर दिया गया था। कमीशन ने कहा कि इनका पेश न होना दिखाता है कि इन्हें अपने बचाव में कुछ नहीं कहना।




