चंडीगढ़। रेप एंड पोक्सो एक्ट केसों की स्पेशल कोर्ट ने लड़कियों से पार्कों और राेड पर छेड़छाड़ कर बाइक पर फरार हो जाने के आरोपी 28 वर्षीय जिम ट्रेनर सावन भट्टी की एक रेप केस में जमानत अर्जी खारिज कर दी। एडिशनल सेशंस जज डा. यशिका की कोर्ट में पुलिस ने भट्टी की जमानत का विरोध करते हुए दलीलें पेश की। इससे पहले फरवरी में पेश फोरेंसिक रिपोर्ट में उसका डीएनए सेक्टर-16 पार्क में अंजाम दी गई वारदात से मैच हो गया था। उसमें पीड़िता के कपड़ों व बॉडी से सैंपल लिया गया था। जुलाई, 2024 में भट्टी को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस की 25 टीमें डेढ़ महीने से उसके पीछे लगी थी।
सभी थानों की पुलिस रेजिडेंशियल एरिया, खासकर गर्ल्स पीजी, पार्क, चंडीगढ़ के एंट्री पॉइंट पर नाका लगाकर रखती थी। उसकी एक्टिवा की तलाश पार्किंग में भी की जाती थी। सेक्टर-17 थाने में आईपीसी की धारा 376, 354, 354ए व 506 के तहत 19 मई, 2024 को यह केस दर्ज हुआ था। केस में पीड़िता पार्क में बैठी फ्रेंड से मोबाइल पर बात कर रही थी। तभी आरोपी पीछे से आया और उसे दबोच लिया। उसे जान से मारने की धमकी दे पार्क में सुनसान जगह ले गया और यौन हमला कर फरार हो गया था।
पुलिस ने उसके उत्तराखंड नंबर की एक्टिवा की पहचान कर ली थी और लगभग 2 महीने बाद वह पकड़ में आया था। वह सेक्टर-11 थाने में 10, जून, 2024 को 354, 376, 379ए, 506 की धाराओं में दर्ज अन्य घटना में भी आरोपी पाया गया था। वह फेज-5 मोहाली में जिम ट्रेनर था। अक्सर रात को घर से निकलकर अकेली युवती को देखकर उन्हें पकड़कर धमकाता था कि उसके पास हथियार है। फिर जान से मारने की धमकी देकर वारदात को अंजाम देकर 30 सेकंड से 1 मिनट के बीच फरार हो जाता था।
वह मूलरूप से उत्तराखंड का रहने वाला है और पकड़े जाने से पहले सेक्टर-49 में रह रहा था। आरोपी ने कंप्यूटर साइंस में बीएससी की हुई है। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी वारदात के वक्त मोबाइल घर छोड़कर आता था। वहीं, सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए सर्विस लेन और साइकिल ट्रैक पर ही एक्टिवा चलाकर जाता था। जिस समय वारदात करता था उससे पहले एक्टिवा की नंबर प्लेट पर टेप चिपका देता था।




