चंडीगढ़। हेब्चुअल ऑफेंडर्स पर ट्रैफिक पुलिस और कोर्ट दोनों ही सख्ती अपनाए हुए हैं। एक ऑफेंडर के ट्रैफिक चालानों में 253 खतरनाक ड्राइविंग(रेड लाइट जंप) के चालान थे। वहीं 14 चालान रोड मार्किंग वॉयलेशन के और 2 बिना हेलमेड राइडिंग के थे। ऐसे में उसका ड्राइविंग लाइसेंस सीजेएम कोर्ट ने रद्द कर दिया। वहीं आदेश दिए कि उसकी व्हीकल इंपाउंड कर ट्रैफिक पुलिस लाइन, सेक्टर-29 में रखी जाए। यह उसे नहीं दी जा सकती क्योंकि वॉयलेटर का लाइसेंस रद्द किया गया है। उसकी तरफ से वह कोई भी व्हीकल रिलीज करवाने की अर्जी के लिए कोर्ट में आ सकता है जिसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस हो। कोर्ट ने कहा कि वॉयलेटर के कुल 269 चालान हैं जो हैरान करने वाली बात है। हर ऑफेंस के लिए 200 रुपये चालान अलग से लगाया गया है। कुल फाइन 53,800 रुपये लगाया गया है। कोर्ट ने कहा कि यह वॉयलेटर को जमा करवाना पड़ेगा। फाइन जमा न करवाने की सूरत में 15 दिनों की जेल के आदेश हुए, हालांकि ऑफेंडर ने फाइन जमा करवा दिया।
15 दिनों तक सिग्नल पर ड्यूटी देने के आदेश:
इसके अलावा कोर्ट ने पाया कि ऑफेंडर ने बार-बार ऑफेंस किए। ऐसे में उसे 15 दिन कम्यूनिटी सर्विस के आदेश हुए हैं। वह एसएसपी(ट्रैफिक एंड सिक्योरिटी) के रीडर को 19 फरवरी को सुबह 10 बजे रिपोर्ट करेगा। आगे उसे किसी ट्रैफिक इंस्पेक्टर के अधीन ट्रैफिक सिग्नल पर ड्यूटी पर लगाया जाए। वह वालंटियर के रूप में ट्रैफिक विभाग की मदद करेगा और सुनिश्चित करेगा कि लोग ट्रैफिक रूल्स की पालना करें। वहीं वह लाेगों को ट्रैफिक रूल्स की पालना के लिए प्रेरित करेगा। रीडर 15 दिनों तक 2-2 घंटों तक की सर्विस ऑफेंडर से करवाएं। 15 दिन बाद उसकी कम्यूनिटी सर्विस रिपोर्ट और अटेंडेंस चार्ट कोर्ट में पेश किया जाए।




