चंडीगढ़। डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बार एसोसिएशन(डीबीए) के 2 बार के पूर्व सेक्रेटरी नीरज हंस(41) की मौत के मामले में जल्द और सख्त पुलिस कार्रवाई की मांग को लेकर मंगलवार लगातार नौंवे दिन कोर्ट में कामकाज ठप्प रहा। 14 तारीख से वकीलों ने काम बंद रखा हुआ है। सैकड़ों सिविल-क्रिमिनल केसों में तारीखें ही पड़ रही हैं। जानकारी के मुताबिक रोजाना करीब 300 नए केस रोजाना कोर्ट में दायर होते हैं। इनमें बड़ी संख्या क्रिमिनल केसों की होती है। वहीं कोर्ट में सिविल-क्रिमिनल, दोनों मिला रोजाना 2 हजार से ज्यादा केसों की सुनवाई होती है। कुछेक मामलों को छोड़ अधिकतर केसों में तारीखें ही पड़ रही हैं। याची सुबह पेशी पर आते हैं मगर तारीखें लेकर ही लौट रहे हैं। 23 अक्तूबर को सुबह जनरल हाउस में फैसला लिया जाएगा कि नो वर्क डे को आगे बढ़ाना है या खत्म करना है।
जनरल हाउस द्वारा इस मुद्दे पर बनाई गई पांच सदस्यी कमेटी के मेंबर एडवोकेट हरीश भारद्वाज ने कहा कि कमेटी का काम दर्ज तीनों एफआईआर में निष्पक्ष जांच को सुनिश्चित करना, आरोप सही पाए जाने पर आरोपियों पर कानून के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करवाना और पुलिस जांच तेजी से हो, यह सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर मंगलवार डीजीपी से मीटिंग भी करनी थी जो नहीं हो पाई। यह अब बुधवार सुबह 10 बजे के लिए फिक्स हुई है। इस मीटिंग के बाद बार के जनरल हाउस में नो वर्क डे पर आगे फैसला होगा।
7 अक्तूबर की घटना के बाद 8 अक्तूबर को सेक्टर-36 थाने में 3 एफआईआर दर्ज हुई थी। गैर-इरादतन हत्या केस में बार के पूर्व प्रेजीडेंट रविंदर सिंह जॉली, गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपा व सतीश मोर आरोपी हैं। जॉली की शिकायत पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की एफआईआर में महिला वकील व नवदीप संधू आरोपी हैं। वहीं तीसरी एफआईआर जॉली पर महिला की आबरू भंगित करने के प्रयास को लेकर आपराधिक बल के प्रयोग की है।





