चंडीगढ़। सेक्टर-10 की कोठी में हैंड ग्रेनेड अटैक करवाने वाले आतंकी हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पाशियां के खिलाफ एनआईए ने गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने की मांग की है। एनआइए ने इसे लेकर डिस्ट्रिक्ट काेर्ट में एक अर्जी दायर की है। इस अर्जी पर 9 जनवरी को सुनवाई होगा। 11 सितंबर को सेक्टर-10 की कोठी में बम धमाका हुआ था। केस के मुताबिक दो युवक रोहन मसीह और विशाल मसीह यहां हैंड ग्रेनेड फेंक कर फरार हो गए थे। अमेरिका बैठे आतंकी हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पाशियां ने इंटरनेट मीडिया के माध्यम से इस हमले की जिम्मेदारी दी ली थी। हैप्पी पाशियां काफी समय से अमेरिका में रह रहा है और वह पाकिस्तान स्थित बब्बर खालसा इंटरनेशनल संगठन के आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा के लिए काम करता है। उसी के जरिए इस हमले को अंजाम देने वाले आरोपियों को हथियार मुहैया करवाए गए थे।
पहले मामले की जांच चंडीगढ़ पुलिस के पास थी, लेकिन बाद में इस केस को एनआईए को ट्रांसफर कर दिया गया। इस मामले में अभी तक 5 आरोपी पकड़े जा चुके हैं जिनमें रोहन और विशाल के अलावा अमरजीत सिंह, आकाशदीप सिंह और कुलदीप शामिल हैं। कुलदीप चंडीगढ़ में ऑटो चलाता है और आरोपी उसी के ऑटो में बैठकर सेक्टर-43 बस स्टैंड से सेक्टर-10 पहुंचे थे और वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गए थे। वारदात के कुछ दिनों बाद रोहन और विशाल को पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। रोहन और विशाल वारदात को अंजाम देने से दो दिन पहले भी चंडीगढ़ आए थे। पुलिस केस के मुताबिक कुलदीप उन दोनों को अपने ऑटो में सेक्टर-10 ले गया था। वहां उन्होंने पूरे इलाके की रेकी की और दो दिन बाद दोबारा चंडीगढ़ आए। इस बार फिर वह कुलदीप के ऑटो में बैठ सेक्टर-10 पहुंचे और बम फेंक कर फरार हो गए। ये हमला पंजाब पुलिस के रिटायर अधिकारी जसकीरत सिंह चहल पर किया जाना था। वह पहले इसी घर में रहते थे, लेकिन कुछ साल पहले ही वे यहां जा चुके थे।




