14 साल पहले रेप-हत्या के बाद एमबीए स्टूडेंट का जो मोबाइल राम कुमार बन मोनू ने 300 में बेचा उसके आईएमईआर पर उठा सवाल

चंडीगढ़। वर्ष 2010 में एमबीए स्टूडेंट की और 2022 में 40 वर्षीय महिला की हत्या और रेप के आरोपी कथित सीरियर किलर मोनू(39) से पुलिस ने एमबीए स्टूडेंट का जो मोबाइल बरामद किया था उसे मोनू के वकील ने चुनौती दे दी है। कोर्ट में दोनों हत्या मामलों की एडिशनल सेशंस जज यशिका की फास्ट ट्रैक काेर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट आर्डर पर सेक्टर-39 थाने से कांस्टेबल कुलदीप केस प्रॉपर्टी के रूप में नोकिया 6030 लेकर पेश हुआ। पुलिस केस के मुताबिक यह एमबीए स्टूडेंट का वही मोबाइल था जिसे वारदात के बाद मोनू ने राम कुमार की फर्जी पहचान से कॉलोनी नंबर-4 की एक मोबाइल रिपेयर शॉप में 15 साल के युवक को 300 रूपये में बेचा था। पुर्नवास याेजना के तहत अब वह मलोया में रहता है। उसने कोर्ट में पेश मोबाइल की पहचान की। मोनू इसके 500 रूपये मांग रहा था।

मोनू के वकील सुनील कुमार पांडे के मुताबिक कोर्ट में इस मोबाइल के आईएमइआई नंबर के आखिरी 3 डिजिट मैच नहीं हुए। मोनू ने राम कुमार बन जो मोबाइल बेचा था उसके आखिरी 3 डिजिट कागज पर 653 थे। वहीं कोर्ट में शनिवार जो मोबाइल पेश हुआ उसे खोल आईएमईआर नंबर के आखिरी 3 डिजिट 853 थे। शनिवार मोबाइल खरीदने वाले दुकानदार के बयान भी दर्ज हुए। उसने बताया कि उसने थाना पुलिस की कस्टडी में 14 साल बाद मई, 2024 में मोनू को पहचाना था। शनिवार उसने डिफेंस के सवाल पर कहा कि मोनू के चेहरे में कोई बदलाव नहीं आया बस उसका वेट कुछ बड़ गया है। उस दुकानदार से अपने पिता के दाेस्त मनोज शर्मा का नोकिया 6030 गुम गया था। सिम निकाल मोनू वाला मोबाइल उसने उन्हें दे दिया था। बाद में पुलिस ने करीब 2 महीने में यह मोबाइल जब्त कर लिया था। मोनू ने मोबाइल बेचते वक्त कोई पहचान पत्र नहीं दिया था और कागज पर अंगूठा लगाया था। पुलिस ने इस दुकानदार से जानकारी ले माेनू का चेहरा भी बनवाया था।

चप्पले, कपड़े और कुछ दूरी पर अर्धनग्न लाश देखी थी:
स्नेहालय के पास 2022 में महिला की हत्या केस में मृतका के पति की गवाही के बाद मृतका के भतीजे के बयान हुए। उसने अपने ताऊ(मृतका के पति) और दूसरे ताऊ के साथ लाश काे सुबह साढ़े 8 से 9 के बीच देखा था। सबसे पहले चप्पलें दिखी, आगे जंगली क्षेत्र में कपड़े और उससे कुछ दूरी पर अर्धनग्न लाश देखी थी। जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई थी। वहीं वीसी के जरिए मृतका का पोस्टमार्टम करने वाले जीएमएसएच-16 के डॉक्टर ने बताया कि उनकी राय में महिला पर हमला करने और मौत के समय में लगभग 2 मिनट का गैप था। गला घोंट उसकी हत्या हुई थी, वहीं ब्लंट वेपन का गला घोंटने की संभावना से भी इंकार नहीं किया गया। इसके अलावा सैंपल फोरेंसिक जांच के लिए पहुंचाने वाले पुलिसकर्मी के भी बयान हुए। अब दोनों केसों में 16 और 17 जनवरी को सुनवाई होगी। बता दें कि सेक्टर-38 शाहपुर कॉलोनी के मोनू पर इसी साल फरवरी में सेक्टर-54 जंगली क्षेत्र में हुए मोहाली की एक 55 वर्षीय महिला की हत्या का भी केस एडिशनल सेशंस जज की कोर्ट में चल रहा है। उसे डीएनए रिपोर्ट मैच होने पर मई में पकड़ा गया था।

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