सेक्टर-26 बम ब्लास्ट के आरोपी 6 दिन के रिमांड पर, सहयोगियों-साजिश का पता करने में जुटी यूटी पुलिस

चंडीगढ़। सेक्टर-26 में सेविले बार एंड लाउंज समेत डिओरा क्लब के बाहर 26 नवंबर को तड़के करीब साढ़े 3 बजे बम धमाके करने के आरोपी विनय और अजीत को यूटी क्राइम ब्रांच पुलिस ने शुक्रवार ड्यूटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया। दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ, हमले के पीछे छुपे उनके सहयोगियों और पूरी साजिश का पता करने के लिए इनका रिमांड मांगा गया। कोर्ट ने क्राइम ब्रांच की दलीलें सुनने के बाद इनका 6 दिन का पुलिस रिमांड मंजूर किया है। 29 नवंबर को हिसार में हरियाणा एसटीएफ और यूटी पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने इनका एनकाउंटर किया था। दोनों के पैरो में गोलियां लगी थी और यह हिसार के सिविल हॉस्पिटल भर्ती रहे थे।

हरियाणा पुलिस दोनों का 2 दिन का रिमांड ले चुकी है। अब दोनों से क्राइम ब्रांच घटना को लेकर पूछताछ में जुट गई है। पुलिस के मुताबिक गोल्डी बराड़ गैंग ने वसूली और दहशत फैलाने के लिए यह वारदात करवाई थी। वहीं दूसरी ओर सूत्र बताते हैं कि हमलों के पीछे गैंगस्टर रणदीप मलिक की अहम भूमिका रही है। उसी ने आगे दोनों हमलावरों को विस्फोटक आदि मुहैया करवाए थे।

विनय और अजीत दोनों हिसार के रहने वाले हैं। हिसार में एनकाउंटर के दौरान हमलावरों से पुलिस ने पिस्टल भी बरामद किए थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक हमलावरों ने साहिल नामक एक युवक ने पिस्टल ली थी जो हिसार के पतावर का निवासी है। वह हत्या के एक मामले में जींद की जेल में बंद है। अब पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ कर सकती है। राेहतक के पास एक गांव में पिस्टल मुहैया हुए थे। वहीं बम करनाल में एक पैकेट में हमलावरों को दिए गए थे। दोनों को वारदात को अंजाम देने के बदले विदेश मेंं सेटल करने का लालच दिया गया था। गोल्डी बराड़ गैंग के कहने पर मलिक ने हमलावरों को वारदात के वक्त अपने फोन स्विच ऑफ कर रखने और उसके बाद अस्थाई रूप से हिसार और फिर राजस्थान निकल जाने को कहा था। मलिक पर वर्ष2011 में कुरूक्षेत्र पुलिस थाने में एक आपराधिक केस दर्ज हुआ था। वर्ष 2015 में वह यूएसए चला गया था। 26 नवंबर को यह वारदात हुई थी।

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