चंडीगढ़। जीरकपुर स्थित डिकेथ्लोन स्टोर से खरीदी साइकिल में सब-स्टैंडर्ड रिफ्लेक्टर्स के चलते एक व्यक्ति के 2 रोड एक्सीडेंट होने के मामले में कंज्यूमर कमीशन ने डिकेथ्लोन को गलत व्यापारिक गतिविधियों में संलिप्त होना बताया। कमीशन ने पाया कि प्रोडक्ट(साइकिल) की कॉस्ट कम करने के लिए सब-स्टैंडर्ड रिफ्लेक्टर्स का इस्तेमाल किया। ऐसे में इसे साइकिल की पूरी कीमत13,395 रुपये 9 प्रतिशत ब्याज समेत वापस करने व 10 हजार रुपये हर्जाना भरने के आदेश दिए हैं। वहीं शिकायतकर्ता को साइकिल डिकेथ्लोन को रसीद समेत वापस करने के आदेश दिए हैं। सुनवाई के दौरान रोड सेफ्टी को लेकर सुप्रीम कोर्ट कमेटी के एक लेटर को पेश किया गया। इसमें अनिवार्य था कि साइकिल के विभिन्न पार्ट पर बढ़िया क्वालिटी के और रात के वक्त साफ दिखने वाले रिफ्लेक्टर्स होने चाहिए।
शिकायतकर्ता का कहना था कि साइकिल में 10 रिफेल्क्टर्स थे इसके बावजूद मोटरिस्ट उसे देख नहीं पाए। ऐसे में शिकायतकर्ता ने इसके रिफ्लेक्टर्स इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमेटिव टेक्नोलॉजी से चैक करवाए। जनवरी, 2020 की रिपोर्ट में आया कि यह आईएसओ स्टैंडर्ड की रिक्वायरमेंट के हिसाब से नहीं हैं। ऐसे में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि डिकेथ्लोन सब-स्टैंडर्ड रिफ्लेक्टर्स वाली साइकिल बेच रहा है जो आईएसओ स्टैंडर्ड टेस्ट पास नहीं हैं। यह साइक्लिस्ट के लिए जानलेवा है और आईएसओ स्टैडर्ड की उल्लंघना है। इसे सेवा मंें कमी और गलत व्यापारिक गतिविधियों में संलिप्त बता रिफंड और हर्जाना मांगा गया था।
सेक्टर-27बी के रवि इंद्र सिंह ने डिकेथ्लोन स्पोर्ट्स इंडिया प्रा.लि. के बेंगलूर स्थित दफ्तर और जीरकपुर स्थित स्टोर को पार्टी बनाया था। शिकायतकर्ता ने जीरकपुर स्टोर से अगस्त, 2019 में की साइकिल खरीदी। इसके कुछ ही हफ्तों में इस साइकिल के शाम के वक्त 2 एक्सीडेंट हो गए थे। इनमें शिकायतकर्ता को हल्की चोटें आई थी। दोनों हादसों में मोटरिस्ट ने कहा था कि लाइटें ऑन होने के बावजूद वह उसे देख नहीं पाए थे। जवाब में डिकेथ्लोन ने कहा कि शिकायतकर्ता एक्सडेंट को लेकर एमएलआर पेश नहीं कर सका व पेश की गई रिपोर्ट को भी अस्पष्ट बताया था।




