ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर की जमानत अर्जी पर सीबीआई को नाेटिस, बोला-सीबीआई का डीएसपी रिश्वत लेने का दबाव बना रहा था

चंडीगढ़ । एचपी स्काॅलरशिप घपले से जुड़ी जांच में 22 दिसंबर को दर्ज सीबीआई की एफआईआर में रिश्वत के अहम आरोपी शिमला ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर विशाल दीप ने अग्रिम जमानत के लिए सीबीआई कोर्ट में अर्जी दायर की है। इसमें सीबीआई को 14 जनवरी के लिए नोटिस जारी हुआ है। विशाल दीप के वकील अभय जोशी के मुताबिक विशाल दीप का नाम एफआईआर में नहीं था और उन्हें झूठा फंसाया गया है। जमानत अर्जी में दावा किया गया है कि अर्जीकर्ता को सीबीआई कर्मियों की मिलीभगत कर फंसाया गया है।

अर्जीकर्ता पहले ही 3 जनवरी को सीबीआई के शिकायतकर्ता व सीबीआई कर्मियों के खिलाफ पुलिस शिकायत दे चुका है। उसके मुताबिक स्कॉलरशिप घपले के पूर्व जांचकर्ता व सीबीआई डीएसपी बलबीर सिंह व शिकायतकर्ता भूपिंदर सिंह ने लालच दिया था ताकि उसे राहत मिल सके व उसकी गिरफ्तारी न हो। डीएसपी ने उन पर रिश्वत लेने का पूरा दबाव बनाया था और न लेने पर झूठे केस में फंसा ट्रांसफर की धमकी दी थी। वह कभी रिश्वत नहीं लेना चाहते थे और उन्होंने पहले ही रजनीश बंसल की गिरफ्तारी का आधार मजबूत कर लिया था व अपने सीनियर अफसरों को भी इसकी जानकारी दे दी थी। ऐसे में उन पर रिश्वत का केस नहीं बनता। वहीं उन्होंने डीएसपी बलबीर व शिकायतकर्ता को पीएमएलए के तहत पकड़ने के लिए सबूत जुटाने भी शुरू कर दिए थे।

यही नहीं सीबीआई दुर्भावना व गैर-कानूनी ढंग से उनके घर 23 दिसंबर को सर्च के लिए दाखिल हुई। इससे पहले विशाल दीप को चंडीगढ़ सीबीआई टीम ने मुंबई से गिरफ्तार किया था। हालांकि मुंबई की स्पेशल कोर्ट ने उन्हें जमानत पर छोड़े जाने के आदेश जारी हुए थे। हालांकि इसके 2 दिन बाद ही पंचकूला पुलिस ने उन्हें शुक्रवार को वसूली से जुड़े मामले मंे मुंबई से गिरफ्तार कर लिया था। पंचकूला कोर्ट में पेश कर उनका रिमांड लिया गया था। पंचकूला के विकास बंसल की शिकायत पर यह गिरफ्तारी हुई थी। उन्होंने रोहित गुज्जर और विशाल दीप पर 50 लाख रूपये वसूली के लिए धमकाने के आरोप लगाए थे।

वहीं विशाल दीप के भाई विकास दीप की जमानत अर्जी पर 14 जनवरी को बहस होगी। केस में सीबीआई के पब्लिक प्राेसिक्यूटर नरेंदर सिंह ने कहा कि उन्हें पहले दायर जवाब के सपोर्ट में अतिरिक्त तथ्य पेश करने के लिए कुछ वक्त दिया जाए। विकास दीप के वकील ने इसका विरोध किया। हालांकि सीबीआई जज ने न्यायहित में सीबीआई को यह वक्त दे दिया। वहीं केस में सह-आरोपी नीरज की जमानत अर्जी पर भी 14 को बहस होगी। इसमें भी पब्लिक प्राेसिक्यूटर नरेंदर सिंह ने अतिरिक्त तथ्य पेश करने के लिए समय की मांग की हुई है।

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