चंडीगढ़। शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे यूटी पुलिस ने सेक्टर-23 की एक काेठी की सेकंड फ्लोर से खून से लथपथ एक लाश बरामद की। इस हत्याकांड में मोहाली पुलिस के साथ ज्वाइंट ऑपरेशन में 2017 में बाउंसर अमित शर्मा उर्फ मीत की सकेतड़ी में हत्या के आरोपी नयागांव के गगनदीप उर्फ गगन बाउंसर को गिरफ्तार किया गया है। उसने पुलिस से बचने के लिए फायरिंग भी की। वह फिलहाल मोहाली पुलिस की कस्टडी में है। यूटी पुलिस एसएसपी कंवरदीप कौर के मुताबिक गगन पर कुल 21 एफआईआर दर्ज हैं। उसका अब प्रोडक्शन वारंट लेकर कस्टडी में लिया जाएगा। गगन की सेक्टर-38 में हुई फायरिंग की घटना में भी रोल की जांच की जाएगी। वहीं सेक्टर-23 में जिस युवक की खून से लथपथ लाश मिली है उसकी पहचान कशिश के रूप में हुई है। पुलिस ने गगन के अलावा नयागांव के ही कशिश नामक अन्य युवक को पकड़ा है।
सेक्टर-23 की जिस कोठी में यह लाश मिली उसमें एक ही फैमिली के चाचा-ताऊ के बच्चे रहते हैं। जिस घर में लाश मिली है वहां सीसीटीवी भी लगे हुए हैं। पुलिस ने इनकी डीवीआर कब्जे में ले ली है। इसमें हमलावरों के कोठी में दाखिल होने और बाहर निकलने के कई सबूत पुलिस के हाथ लग सकते हैं। मृतक के आंख के पास और नाक पर चोट के निशान मिले हैं। मरने वाले की पहचान कशिश के रूप में हुई है। कशिश की पोस्टमार्टम में ही मौत के कारणों का पता चल पाएगा। शव सेक्टर-16 जीएमएसएच की मार्चरी में रखवा दिया गया है। सूत्र बताते हैं की मुखबिरी के शक में कशिश की हत्या की गई मगर पुलिस इसकी पुष्टि नहीं कर रही है।
पुलिस के मुताबिक उन्हें खुफिया जानकारी मिली थी कि या तो गगन से चंडीगढ़ में कोई वारदात की है और या अंजाम देने वाला है। वहीं उसके पास हथियार होने की भी सूचना थी। इसे लेकर एक सप्ताह से उसे पकड़ने के लिए थानों और स्पेशल सेल की टीमें लगी हुई थी। पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी चंडीगढ़ की पैराफेरी में पलसौरा के आसपास घूम रहा है। क्राइम ब्रांच की टीम उसके पीछे लग गई। उसका पता लगाते हुए पुलिस बलोंगी के एक फ्लैट तक पहुंची। यहां घेराबंदी की गई। वहां गगन ने पुलिस पर एक फायरिंग की। मोहाली पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। वह पुलिस से बचने के लिए बाथरूम में छुप गया था। उसे वहीं मौके से पकड़ लिया गया। एक पिस्टल उससे पकड़ी गई है जिसमें 2 राउंड थे।
वहीं दूसरी ओर पुलिस की एक टीम मर्डर केस की जांच में जुट गई थी। सेक्टर-23 में मर्डर स्पाॅट पर एक फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया था। वहां से एविडेंस इकट्ठे किए गए। मोहाली पुलिस की शुरूआती पूछताछ में गगनदीप ने सेक्टर-23 मर्डर में उसका हाथ होने की बात कबूल ली है। मोहाली के बलोंगी में क्राइम ब्रांच की टीम ने गगनदीप पर उनकी टीम पर फायरिंग करने, पुलिस ड्यूटी में बाधा डालने आदि की धाराओं में मोहाली पुलिस को शिकायत दे दी है। पुलिस के मुताबिक गगन पर कुल 21 केस दर्ज हैं। कुछ में वह जमानत या आरोपमुक्त होकर बाहर है। पुलिस गगनदीप के रोल को गहराई से जांच रही है।
सेक्टर 38 फायरिंग आरोपी की तलाश में छापेमारी जारी:
लुधियाना नंबर की जिस सफेद रंग की कार में आए आरोपियों ने वीरवार यूटी पुलिस पर फायरिंग कर साथी की जान बचा गाड़ी भगाई थी उसकी पहचान हो गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक हमलावर लुधियाना का रहनेे वाला दीपक वर्मा उर्फ दीपा है। उस पर पहले से 4 से 5 एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट के केस दर्ज हैं। जिस गाड़ी में वह सेक्टर-38 में पहुंचा था वह उसकी पत्नी के नाम रजिस्टर्ड है। जानकारी के मुताबिक सेक्टर-39 थाना और स्पेशल सेल की टीमें उसे व दूसरे आरोपी को पकड़ने के लिए जुट गई हैं और जल्द उनकी गिरफ्तारी हो सकती है। दूसरे आरोपी की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस ने मामले में हत्या दस प्रयास और आर्म्स एक्ट की धारा के तहत केस दर्ज कर लिया है।

वहीं फायरिंग घटना के दौरान बाल-बाल बचे सेक्टर-39 थाना बीट पुलिसकर्मी कांस्टेबल प्रदीप के पास पिस्टल नहीं थी। ऐसे में बीट स्टाफ के पास पिस्टल भी पिस्टल हो इसके लिए अधिकारी कार्रवाई कर रहे हैं। बता दें कि 26 जनवरी और पंजाब में थानों-चौकियों पास ब्लास्ट और प्राप्त इनपुट्स के बाद मोहाली बार्डर के पास बने सेक्टर-39 थाने समेत बाकी थानों की सुरक्षा कड़ी की गई है। हमलावर ने फायरिंग से पहले अपने साथी को गाड़ी से नीचे उतारा था और फिर पुलिस पार्टी के आने पर उसे बचा ले गया था। जिस जगह यह वारदात हुई उसके पास ही बाला का घर है। हालांकि वह एक केस में जेल में है। ऐसे में पुलिस पता लगा रही है कि आरोपी क्या कॉलोनी में ड्रग लेने आए थे और क्या यहां और भी घरों में ड्रग बिकता है।
वारदात के बाद शुक्रवार दोपहर इस कॉलोनी में पुलिस टीमें वर्दी और सिविल में गश्त करती दिखी और एक टीम खासतौर पर बाला के घर पहुंची और आगे और पीछे की एंट्री-एग्जिट चैक की। घर की पिछली एंट्री-एग्जिट पर बाला के घर के पास सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे। वहीं कॉलोनी के कुछ और घरों के बाहर भी सीसीटीवी लगे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि कॉलोनी में फायरिंग हुई तो पहले लगा कि किसी ने पटाखे चलाए हैं। वहीं फायरिंग का पता लगते ही बच्चे-बूढ़े सभी घरों के अंदर दौड़े।




