चंडीगढ़। सेक्टर-10 में हुए ग्रेनेड हमले में स्पेशल एनआईए कोर्ट ने शुक्रवार को आकाशदीप सिंह व अमरजीत सिंह का 3 दिन का रिमांड हासिल कर लिया। दोनों को सोमवार अमृतसर पुलिस की कस्टडी से डिस्ट्रिक्ट कोर्ट लाया गया था। यहां उनके वकील ने रिमांड अर्जी का विरोध करते हुए अर्जी दायर की थी। जिस पर सुनवाई के बाद एनआईए कोर्ट ने रिमांड अर्जी मंजूर की। इससे पहले एनआईए ने रिमांड मांगते हुए कहा था कि टेरर फंडिंग, हमले की पूरी साजिश का पता लगा लगाना है। कुछ नए संदिग्ध भी केस में सामने आए हैं। उनके आरोपियों के सामने बयान लेने हैं। दोनों को एसएसओसी, अमृतसर ने एक केस में पहले 8 सितंबर को पकड़ा था। चंडीगढ़ ब्लास्ट केस में एनआईए ने यूएपीए एक्ट समेत 109, 351(2), 333 और 61 समेत एक्सप्लोजिव सबस्टांस एक्ट के तहत यह केस दर्ज किया हुआ है।
इससे पहले केस की जांच सेक्टर-3 थाना पुलिस के पास थी। एनआईए के मुताबिक बब्बर खालसा इंटरनेशनल के मेंबर पाकिस्तान से छुपे आतंकी हरविंदर सिंह संधू उर्फ रिंदा ने यूएसए में रह रहे आतंकी हैप्पी पासियां के जरिए यह ग्रेनेड अटैक करवाया था हमलावरों रोहन मसीह, विशाल मसीह समेत अमरजीत सिंह, आकाशदीप सिंह व ऑटो ड्राइवर कुलदीप शामिल हैं। जिसके बाद 25 सितंबर को वह ग्रेनेड मामले में यूटी पुलिस के हत्थे चढ़े थे। एनआईए के मुताबिक उस रिमांड में दोनों ने बताया था कि वह हैप्पी पासियां के संपर्क में थे। वहीं पाकिस्तान से हथियारों की तस्करी में शामिल थे। उन्होंने विशाल और राेहन के लिए ब्लैक पॉलिथीन में हैंड ग्रेनेड मंगवाया था।
यह है मामला:
सेक्टर-10 की कोठी में 11 सितंबर को दो युवकों ने हैंड ग्रेनेड फेंका था। यह युवक ऑटो में बैठकर यहां आए थे और बम फेंककर ऑटो से ही फरार हो गए। इस कोठी में रिटायर्ड प्रिंसीपल गोपेश मल्हाेत्रा रहते हैं, लेकिन दो साल पहले पंजाब के पूर्व एसपी जसकीरत सिंह चहल यहां किराये पर रहते थे। जांच के दौरान ये सामने आया कि आरोपियों ने चहल पर हमला करने के इरादे से ही यहां बम फेंका था। वारदात के बाद पंजाब पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया था जबकि ऑटो चालक कुलदीप को चंडीगढ़ पुलिस ने पकड़ा था।




