चंडीगढ़। लगभग 6 साल पहले बस ड्राइवर की लापरवाही से 19 वर्षीय एक युवक की मौत हो गई थी। युवक बस से उतरने लगा था और ड्राइवर ने अचानक बस चला दी थी। अब इस लापरवाही के लिए हरियाणा रोडवेज को पीड़ित युवक के परिवार को 17.09 लाख रुपये मुआवजा देना पड़ेगा। हालांकि बस का ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी से बीमा हुआ था, ऐसे में मुआवजे की रकम बीमा कंपनी को अदा करनी पड़ेगी। मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने डेराबस्सी के नजदीक घोलूमाजरा गांव के रहने वाले कृष्ण प्रसाद और उनकी पत्नी सूरज मुखी द्वारा दायर याचिका पर यह फैसला सुनाया है।
याची पक्ष के वकील एडवोकेट सुनील के. दीक्षित के मुताबिक कृष्ण और सूरज मुखी का 19 वर्षीय बेटा सोनू प्रसाद सेक्टर-17 की एक निजी कंपनी में काम करता था। 27 सितंबर 2018 को वह जीरकपुर से घोलूमाजरा के लिए बस से जा रहा था। बस जब घोलूमाजरा के बस स्टाप पर पहुंची तो ड्राइवर ने बस रोक दी। सोनू बस से उतरने लगा तो अचानक ड्राइवर ने बस चला दी। इस वजह से सोनू बस से गिर गया और बुरी तरह घायल हो गया। उसके शरीर पर कई जगह चोटें पहुंची। सोनू को सिविल अस्पताल डेराबस्सी ले जाया गया जहां से उसे सेक्टर-32 के अस्पताल में रैफर कर दिया गया। वहां इलाज के दौरान सोनू की मौत हो गई।
वहीं हरियाणा रोडवेज की ओर से पेश हुए वकील ने दलील दी कि इस मामले में ड्राइवर की कोई गलती नहीं थी। जब बस घोलूमाजरा पहुंची तो अचानक एक यात्री ने चलती बस से छलांग लगा दी। ड्राइवर ने तुरंत बस रोकी और घायल युवक को टोल प्लाजा की एंबुलेंस से डेराबस्सी के अस्पताल पहुंचाया। ड्राइवर ने युवक के पिता को हादसे के बारे में बताया। ऐसे में याचिका खारिज करने की मांग की गई थी।




