फोरेंसिक एक्सपर्ट बोली-कल्याणी सीधा आई कांटेक्ट नहीं कर रही थी, वह डिफेंसिव रुख अपनाए हुए थी

चंडीगढ़। एडवोकेट सिप्पी सिद्धू हत्याकांड में सोमवार सीएफएसए, नई दिल्ली की फोरेंसिक साइकॉलोजी डिविजन की असिस्टेंट डायरेक्टर डा. रंजीता कुमारी के सीबीआई स्पेशल कोर्ट में बयान हुए। उनका क्रॉस-एग्जामिनेशन भी हुआ। 20 जून, 2022 को सीबीआई कस्टडी के दौरान उन्होंने दिल्ली से आकर आरोपी कल्याणी सिंह को एग्जामिन किया था। उसके इंटरव्यू के आधार पर रिपोर्ट बनाई गई थी। उनके साथ सीनियर साईंटिफिक अफसर डा. रूपाली भी थी। डा. रंजीता के मुताबिक कल्याणी शारीरिक रूप से सामान्य और मानसिक रूप से अलर्ट थी।

वहीं जवाब नेगेटिव थे व संबंधित मुद्दों पर सीधा आई कांटेक्ट नहीं कर रही थी। वह डिफेंसिव रुख अपनाए हुए थी। वह संबंधित क्राइम को लेकर पूछे सवालों के दौरान छल करती प्रतीत हुई। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट सिर्फ उनके आब्जर्वेशन पर आधारित थी। इसमें आरोपी का मनोवैज्ञानिक और मेडिकल स्टेटस, मनोवैज्ञानिक रूप से व्यवहार का मूल्यांकन किया गया था। वहीं कहा कि सीएफएसएल में 2011 में ज्वाइनिंग के बाद से वह अभी तक 500 से ज्यादा केसों में 1100 से ज्यादा सबजेक्ट्स(लोगों) को एग्जामिन कर चुकी हैं।

बचाव पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट की एक जजमेंट को आधार बना रिपोर्ट को अस्वीकार्य बताया। इसके पीछे कहा गया कि कल्याणी का इंटरव्यू उसकी मर्जी के बिना और जबरन लिया गया था क्योंकि वह पुलिस कस्टडी में थी। यह प्रक्रिया दोष लगाने वाली थी, रिपोर्ट एकतरफा थी और उन एक्सपर्ट ने तैयार की जो एजेंसी के प्रशासनिक कंट्रोल में थे। यह रिपोर्ट बिना निश्चित आधार के बस एक संभावित राय थी। इसके साथ कोई टेस्ट, उपलब्ध प्रश्नोत्तरी या नोट्स नहीं थे। यह रिपोर्ट तैयार करने का मकसद सिर्फ जांच एजेंसी को सहयाेग पहुंचाना था न कि कोर्ट में इस्तेमाल करने के लिए थी। बचाव पक्ष के वकील सरतेज नरूला के पूछने पर क्रॉस में गवाह ने कहा कि वह उसी दिन 20 जून को 11 बजे तक दिल्ली पहुंच गए थे, चंडीगढ़ से शाम 6 बजे निकले थे। वहीं आगे कहा कि हो सकता है कि हम अगली सुबह पहुंचे थे। शायद हम शॉपिंग भी गए थे। वह शायद सीबीआई द्वारा दिए गए गेस्ट हाउस में ठहरे थे, याद नहीं है। अब केस में 28 नवंबर को बाकी गवाहियां होंगी।

मोहाली फेज-3निवासी एडवोकेट सिप्पी सिद्धू की 20 सितंबर, 2015 को सेक्टर-27 के एक पार्क में गोलियां मार हत्या की गई थी। सीबीआई के मुताबिक केस में कल्याणी समेत 2 हमलावर थे। दूसरे का अभी तक सीबीआई पता नहीं लगा पाई है। सेक्टर-26 थाना पुलिस की जांच पर सवाल उठाए जाने के बाद 2016 में केस सीबीआई को ट्रांसफर हुआ था। जून, 2022 में कल्याणी की गिरफ्तारी हुई थी।

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