चंडीगढ़। 3 जनवरी, 2024 की शाम सेक्टर 19 की सदर मार्किट में चाकू मार 26 साल के सेल्समेन की हत्या का मामला डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में गिर गया। वारदात में शामिल चारों आरोपी एडिशनल सेशंस जज की कोर्ट से बरी हो गए। पुलिस ने दावा किया था कि वारदात में शामिल खून से सना चाकू व डंडे बरामद किए गए थे। वहीं बचाव पक्ष के वकील विवेक कथूरिया के मुताबिक पुलिस ने चाकू की रिकवरी विटनेस के बयान ही दर्ज नहीं करवाए। वहीं केस में शिकायतकर्ता दुकानदार समेत हमले में घायल सेल्समेन राहुल व एक अन्य चश्मदीद सेक्टर-20 का अश्वनी गोयल ही मुकर गया और आरोपियाें को कोर्ट में पहचानने से इंकार कर दिया। 4 जनवरी, 2024 को सेक्टर-19 थाने में हत्या, चोट पहुंचाने और अपराध की सांझी नियत की धारा में यह केस दर्ज हुआ था।
प्रोसिक्यूशन का केस संदेह के दायरे से परे जाकर साबित न होने पर किशनगढ़ का रंजीत कुमार, फेस-1 इंडस्ट्रियल एरिया का नजेंद्र उर्फ आलू, राम दरबार फेज-1 का लालजी उर्फ सुनील तथा माैली जागरां का सुंदर नगर निवासी सुशील उर्फ मकोया बरी हो गया। सेक्टर-27डी का प्रवीण कुमार केस में शिकायतकर्ता था। उसी ने पुलिस को घटना से जुड़ा सीसीटीवी भी मुहैया करवाया था। पुलिस के मुताबिक आरोपियों की निशानदेही पर सेक्टर-30 ए के चौक के नजदीक दीवार के पास से वारदात में इस्तेमाल चाकू व डंडे बरामद किए गए थे। पुलिस चार्जशीट में कुल 24 गवाह रखे गए थे।
मामला:
3 जनवरी की रात 8.45 बजे पुलिस को सेक्टर-19सी में झगड़े की कॉल आई थी। तब तक घायल सुनील को जीएमएसएच-16 भर्ती करवाया जा चुका था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम बुला सैंपल इकट्ठे किए गए थे। शिकायतकर्ता प्रवीण ने पुलिस को बताया था कि वह सदर बाजार में कंफेक्शनरी की दुकान चलाता है। घटना के वक्त उसकी दुकान पर 4 युवक आए जिनके हाथों में चाकू और डंडा था। वह मार्किट में ही सेल्समेन का काम करने वाले सुनील और राहुल के साथ झगड़ा करने लगे। इसी दौरान चाकू पकड़े एक युवक, जिसे लड़के गजेंद्र आलू कह रहे थे, उसने सुनील की जांघ के पीछे चाकू मार दिया। सुनील को मार्किट में ही काम करने वाले रंजीत ने पकड़ा हुआ था। हमलावर सुनील और राहुल को बोले कि कल तुमने हमारे दोस्त रंजीत से मारपीट की जिसका बदला उन्होंने ले लिया है। शिकायतकर्ता ने कहा था कि वह चारांे आरोपियों को पहचान सकता है।




