चंडीगढ़। राजिंदरा हॉस्पिटल, पटियाला में 24 जनवरी को सुबह 11.44 बजे हुए पावर ब्रेकडाउन मुद्दे पर चीफ जस्टिस पर आधारित डबल बैंच ने पंजाब सरकार के चीफ सेक्रेटरी का एफिडेविट दायर करने के आदेश दिए गए हैं। उसमें बाकी संस्थानों की जानकारी भी देनी होगी जहां ऑटोमेटिक स्विच-ओवर है मगर हॉस्पिटल्स में नहीं है। हाईकोर्ट ने कहा कि मार्डन टाइम में यह बेहद जरूरी है कि हॉस्पिटल को सामान्य इलेक्ट्रिक सप्लाई से डीजी-सेट के लिए तुरंत ऑटोमैटिकली स्विच-ओवर होना चाहिए। इस मुद्दे पर हाईकोर्ट ने कहा कि संबंधित समयकाल में इस ऑटोमेटिक स्विच-ओवर की कमी को लेकर पंजाब सरकार के काउंसिल संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
मामले में हाईकोर्ट आर्डर पर केस में 24 जनवरी को सुबह 11.44 बजे हुए पावर ब्रेकडाउन की रिपोर्ट पेश की गई। इसमें कहा गया कि 13 मिनट बाद 11.57 बजे पावर रिस्टोर हुई थी। वहीं पावर बैकअप मेनुअली 11.46 बजे शुरू हो गया था। कोर्ट ने रिपाेर्ट देख कहा कि रेगुलर इलेक्ट्रिक सप्लाई से डीजी-सेट के लिए कोई ऑटोमेटक स्विच-ओवर सिस्टम व स्विच-ओवर नहीं था। हाईकोर्ट ने कहा कि यह सिर्फ आश्चर्यचकित नहीं बल्कि चौंकाने वाली बात है कि हॉस्पिटल जैसी जगह पर जहां कुछ सेकंड का इलेक्ट्रिक ब्रेकअप कुछ लोगों के लिए जानलेवा हो सकता है, खासकर जो लाइफ स्पोर्ट पर हैं। इलेक्ट्रिक सप्लाई 13 मिनट तक बाधित रही। हालांकि बैकअप उपलब्ध था मगर उसे भी चालू होने में 2 मिनट लगे क्योंकि उसे मेनुअली ऑपरेट किया गया था। याची सुनैना ने बताया कि 4 फरवरी को फिर से ऐसी घटना घटी थी। 25 फरवरी को केस में अगली सुनवाई हाेगी। पंजाब सरकार व अन्य को पार्टी बनाते हुए यह जनहित याचिका दायर की गई थी।




