बंदी सिखों की रिहाई के लिए एक बार फिर हिंसक हुआ कौमी इन्साफ मोर्चा, तलवारें लहराई और पुलिसकर्मी हुए घायल

चंडीगढ़। बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर 2 साल से चंडीगढ़-मोहाली बार्डर पर डटे कौमी इंसाफ माेर्चे से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन के 2 साल पूरे होने पर मांग को उग्र करते हुए मंगलवार चंडीगढ़ कूच का प्रयास किया। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारी सेक्टर-43 बस स्टैंड के सामने कजेहड़ी तक एंट्री कर गए जिनमें कई निहंग भी थे जिनके हाथों में बरछे, गंडासियां, तलवारें आदि हथियार थे। यहां 1.20 बजे अचानक स्थिति तनावपूर्ण हो गई और प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। इसमें सेक्टर-11 थाना एसएचओ जयवीर राणा समेत कुल 4 पुलिसकर्मी घायल हो गए। एसएचओ के सिर पर वार किया गया। उस दौरान घटनास्थल पर आईजी राजकुमार सिंह, एसएसपी कंवरदीप कौर व अन्य पुलिसकर्मी माैजूद थे। प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री भगवंत मान के चंडीगढ़ आवास तक कूच करना चाहते थे। इससे पहले 8 फरवरी, 2023 को भी सेक्टर 52/53 चंडीगढ़-मोहाली बार्डर पर पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर बुरी तरह हमला किया था। जिसमें 30 के लगभग पुलिसकर्मी घायल हुए थे। सेक्टर-36 में ही केस दर्ज हुआ था। एक भी प्रदर्शनकारी गिरफ्तार नहीं हुआ था। आरोपियों की तस्वीरें यूटी पुलिस की वेबासाइट पर अपलोड की गई थी और उन पर ईनाम पर रखा गया था।

वहीं मटौर बैरियर के पास पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लाठीचार्ज करते हुए आंसू गैस के गोले दागते हुए वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया। वहीं उग्र प्रदर्शनकारियों को बसों में बस थाने ले जाया गया। मोहाली और चंडीगढ़ पुलिस ने प्रदर्शनकारियाें को चंडीगढ़ दाखिल होने से रोकने के लिए सभी बार्डर पर सुबह से पुलिस तैनात की हुई है। चंडीगढ़-मोहाली बार्डर पर फर्नीचर मार्किट रोड पर मोर्चे ने सड़क जाम की। यहां से भी वह चंडीगढ़ दाखिल होने की जिद पर अड़े रहे। उन्हें रोकने के लिए चंडीगढ़ और पंजाब पुलिस की टीमें मौजूद रही। इसी तरह बाकी बार्डर पर भी पुलिस की तैनाती रही।
मोर्चे से जुड़े नेताओं ने एलान किया है कि बंदी सिखों की रिहाई को लेकर 25 जनवरी को मोहाली जिले में एक महापंचायत की जाएगी जिसमें बड़ी संख्या में युवा और नेता भी शामिल होंगे।
मोर्चा 2 साल से अपने प्रदर्शन के दौरान मांग कर रहा है कि सजा पूरी कर चुके बंदी सिखों की रिहाई की जाए। इसके अलावा बेअदबी के मामलों में जल्द इंसाफ हो और आरोपियों को सजा मिले। प्रदर्शनकारियों ने सेक्टर 52/53 राेड से आगे मोहाली के वाईपीएस चौक तक पक्का मोर्चा लगा रखा है। मोर्चे के चलते हो रही एनक्रोचमेंट को हटाने के लिए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में एक पीआईएल भी अराइव सेफ नामक संस्था ने दायर की थी जो अब सुप्रीम कोर्ट में है।

सेक्टर-36 थाना पुलिस ने इन घटनाओं को लेकर कुल 3 एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें सरकारी कर्मी की ड्यूटी में बाधा पहुंचाने, सरकारी कर्मी पर ड्यूटी के दौरान हमला करने और सरकारी आदेशों की उल्लंघना करने की धाराएं शामिल हैं। पुलिस कौमी इंसाफ मोर्चे से जुड़े कुछ लीडर्स पर नाम के साथ एफआईआर दर्ज की गई हैं।

वहीं चंडीगढ़-मोहाली बार्डर एरिया पर पुलिस के बेरिकेडिंग और मोर्चे के जुटने से आम लोगों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ा। चंडीगढ़ और मोहाली की गई सड़कों को आम पब्लिक के लिए ब्लॉक रखा गया जिसके चलते बाकी सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रही। पुलिस ने सेक्टर-42 से सेक्टर43 बस स्टैंड को जाती मुख्य सड़क को पब्लिक के लिए बंद रखा हुआ था। इसी तरह फर्नीचर मार्किट से मोहाली जाती सड़क और दूसरी ओर मोहाली से चंडीगढ़ आती सड़क भी बंद थी। यहां मोर्चा लगा हुआ था। वहीं सभी बार्डर एरिया पर पुलिस की स्पेशल टीमें और वाटर कैनन, टियर गैस की गाड़ियां मौजूद रही। इस दौरान मोर्चे के नेता पंजाब और चंडीगढ़ अधिकारियों से चंडीगढ़ कूच की मांग काे लेकर उलझते भी दिखे।

प्रदर्शनकारियों ने मंत्रियों के साथ मीटिंग से इंकार कर दिया था: पुलिस
यूटी पुलिस के मुताबिक काैमी इंसाफ मोर्चा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास की ओर मार्च की कॉल दे रखी थी। मोर्चे के लीडर्स के साथ मीटिंग को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे थे। हालांकि उन्होंने प्रशासन से बातचीत करने से इंकार कर दिया। 6 जनवरी को लीडर्स को मोहाली और चंडीगढ़ के लीडर्स के साथ ज्वाइंट मीटिंग का न्यौता भेजा गया था मगर उन्होंने मना कर दिया। इसके बाद 6 की देर शाम मोर्चे के कुछ प्रतिनिधि मीटिंग के लिए आए थे मगर मार्च को टालने पर फैसला लेने से इंकार कर दिया था। वहीं पंजाब सरकार के सीनियर अफसरों और मंत्रियों के साथ बातचीत का न्यौता भी ठुकरा दिया था।
मंगलवार सुबह 11 बजे माेर्चे के 70 प्रदर्शनकारी गुरशरण बापू के नेतृत्व में वाईपीसी चौक, लाइट प्वाइंट फेज 5 से चंडीगढ़ मोहाली बार्डर सेक्टर 52/53 डिवाइडिंग रोड पर पहुंचे। इसके बाद बस स्टैंड की ओर आने लगे। इसके बाद बस स्टैंड के सामने की रोड ब्लाॅक कर दी।
कुछ को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसके कुछ ही देर में 100 के लगभग उग्र प्रदर्शनकारियों ने तलवारें और बाकी तेजधार हथियारों से पुलिस पर हमला किया। इसमें 3 पुलिसकर्मी घायल हो गए। उन्हें तीतर-बीतर करने के लिए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया। वहीं अन्य घटना में मटौर बेरियर पर एक और उग्र प्रदशर्नकारी ग्रुप ने चंडीगढ़ घुसने की कोशिश की। इनके पास भी तलवारें थी। इन्होंनेे बैरिकेड जंप कर लिए और पुलिस पर पत्थरबाजी करने लगे। ऐसे में पुलिस ने बल का प्रयोग कर उन्हें खदेड़ा।

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