चंडीगढ़। वर्ष 2010 में हुई 22 साल की एमबीए स्टूडेंट के रेप-मर्डर मामले में कथित सीरियल किलर मोनू(39) का डीएनए मृतका की बॉडी व कपड़ों से मिले सैंपल के साथ मैच हो गया था। यह जानकारी सीएफएसएल अफसर सुनीता वर्मा के फास्ट ट्रैक कोर्ट में दर्ज बयानों में सामने आई। एमबीए स्टूडेंट मर्डर केस के ट्रायल के दौरान एडिशनल सेशंस जज यशिका की कोर्ट में उनकी गवाही हुई। सुनीता ने सेक्टर-36 सीएफएसएल में पोस्टिंग के दौरान वर्ष 2010 में मर्डर स्पॉट से सैंपल कलेक्ट किए थे। आरोपी मोनू के वकील सुनील कुमार पांडे ने उनका क्रॉस एग्जामिनेशन भी किया। उनके मुताबिक फोरेंसिक अफसर सुनीता ने क्रॉस के दौरान कहा कि एमबीए स्टूडेंट मर्डर केस में उन्होंने डीएनए मैचिंग की एग्जामिनेशन रिपोर्ट तैयार नहीं की थी।
जानकारी के मुताबिक 2010 के मर्डर केस में मौके से मृतका की जींस की पेंट, अंडरवियर और वेजाइनल स्वैब से प्राप्त डीएनए आरोपी मोनू के साथ मैच हो गया था। कुल 9 सैंपल कलेक्ट किए गए थे। दरअसल साईंटिफिक अफसर सुनीता वर्ष 2022 के मलोया रेप-मर्डर केस की जांच कर रही थी। उसी दौरान पाया गया कि 40 वर्षीय मृतका की बॉडी और कपड़ों से जुटाया गया डीएनए 2010 में एमबीए स्टूडेंट के डीएनए से मिलता-जुलता था। इसकी जानकारी उन्होंने अन्य साईंटिफिक अफसर को दी थी। बाद में मोनू की गिरफ्तारी के बाद उसका डीएनए एमबीए स्टूडेंट समेत 2022 वाले मर्डर केस में महिला की बॉडी से मिले सैंपल से मैच हो गया था।
वहीं वर्ष 2024 में सीएफएसएल सैंपल भेजने वाले यूटी पुलिस के एक कांस्टेबल अभिषेक के भी बयान दर्ज हुए। केस में अब 10 फरवरी को बाकी गवाहियां दर्ज होंगी। इसी दिन मलोया मर्डर केस में भी सुनवाई है। बता दें कि मोनू पर शहर में कुल तीन महिलाओं की हत्या का आरोप है जिनमें से 2 के साथ उसने मर्डर से पहले रेप किया। तीसरी हत्या पिछले वर्ष फरवरी में 55 वर्षीय महिला की हुई थी। उसकी लाश सेक्टर-54 के जंगलों में मिली थी। एक सीसीटीवी में मोनू जंगल से निकलता नजर आया था।




