चंडीगढ़। पंजाब में वर्ष 2015 में बेअदबी के मामले में दर्ज 3 एफआईआर की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग वाली डेरा मुखी गुरमीत राम रहीम की याचिका का पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने निपटारा कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि इन मामलों की सुनवाई पर हाईकोर्ट द्वारा रोक के आदेश को सुप्रीम कोर्ट हटा चुका है, यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए इस पर हाईकोर्ट में सुनवाई की कोई जरूरत नहीं है।
डेरा प्रमुख ने अपने खिलाफ बेअदबी मामले में दर्ज तीनों एफआईआर की जांच पंजाब पुलिस की एसआईटी की बजाय सीबीआई से करवाने की मांग की थी। इसी साल अप्रैल में हाइकोर्ट की सिंगल बेंच ने डेरा मुखी की इस याचिका को डबल बेंच में सुनवाई के लिए भेज दिया था और साथ ही इस मामले में डेरा मुखी के खिलाफ चल रहे केस की सुनवाई पर रोक लगा दी थी। सिंगल बेंच के इस फैसले के खिलाफ पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल कर दी थी ओर डेरा मुखी के खिलाफ केस चलाने पर लगी रोक को हटाने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने 18 अक्टूबर को डेरा मुखी के खिलाफ केस चलाने पर लगी रोक के आदेशों पर ही रोक लगा दी थी और डेरा मुखी के खिलाफ केस चलाने की हरी झंडी दे दी थी।
बेअदबी के इन मामलों में गुरू ग्रंथ साहिब की बीड़ चोरी करने, हाथों से लिखे बेअदबी के पोस्टर लगाने व पवित्र ग्रंथ के अंग फाड़ फेंकने की घटनाएं शामिल हैं। इन घटनाओं को लेकर फरीदकोट में विरोध प्रदर्शन भी हुआ था। प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की घटना में बहबल कलां में दो लोग मारे गए थे। वहीं कोटकपूरा में कई घायल हुए थे। बाद में बेअदबी की घटनाओं में डेरा मुखी का नाम सामने आया था। जांच के दौरान डेरे से कथित रूप से जुड़े कुछ लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था। मामले में तत्कालीन सरकार द्वारा बेअदबी केसों की जांच सीबीआई से वापस लेकर एसआईटी से करवाने के फैसले संबंधी विधान सभा में पारित प्रस्ताव को डेरा मुखी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।




