चंडीगढ़। 28 सितंबर, 2019 में बुड़ैल के राजवीर सिंह उर्फ सोनू शाह की उसके ऑफिस में ताबड़तोड़ गोलियां चला हत्या के मामले में उसके भाई प्रवीण शाह ने एडिशनल सेशंस जज की कोर्ट में वीडियो-कांफ्रेंसिंग से पेश हुए तीन आरोपियों की शूटर्स के रूप में पहचान की है। उसके मुताबिक दोपहर लगभग साढ़े 12 बजे की वारदात में उसके सामने पहले एक शूटर सोनू के ऑफिस में घुसा और फिर 2 और शूटर दाखिल हुए और गोलियां चलाई। जानकारी के मुताबिक उसने शुभम उर्फ बिगनी, राजन उर्फ जाट और मंजीत उर्फ राहुल की शूटर्स के रूप में पहचान की। इनके अलावा बाकी कैदियों में लारेंस बिश्नोई, अभिषेक उर्फ बंटी, राज बसोदी उर्फ राज कुमार को विभिन्न जेलों से वीसी के जरिए पेश किया गया। एक आरोपी होटेलियर धरमिंदर सिंह भगोड़ा है। वारदात में सोनू शाह के साथ दफ्तर में मौजूद दो साथी भी गोलियों से घायल हुए थे। हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट व आपराधिक साजिश की धाराओं में सेक्टर-34 थाने में यह केस दर्ज हुआ था।
पुलिस ने खून से सने कपड़े-गाड़ी कब्जे में क्यों नहीं ली?
एक कथित शूटर मंजीत के वकील अमित खैरवाल ने प्रवीण शाह का क्रॉस-एग्जामिनेशन भी किया। उनके मुताबिक प्रवीण ने पुलिस को बयान दिए थे कि शूटर्स उसके भाई को गोलियां मार फरार हो गए थे तो उसने गाड़ी में भाई को लिटा हॉस्पिटल पहुंचाया। हालांकि क्रॉस में पूछने पर उसने बताया कि उसके कपड़ों व गाड़ी पर खून था मगर पुलिस ने उसके कपड़े व गाड़ी कब्जे में नहीं ली। इसके अलावा कहा कि मंजीत को उसने क्राइम ब्रांच, सेक्टर-11 की पार्किंग में पहचाना मगर वह किन पुलिसकर्मियों की हिरासत में था, उसे नहीं पता था। वहीं एक ओर कहा कि पुलिस ने हॉस्पिटल में उसके बयान लिए और दूसरी ओर कहा कि सोनू शाह के ऑफिस के पास बयान लिए गए थे। वहीं माना कि उसके भाई पर मोहाली में फायरिंग और चंडीगढ़ में भी केस दर्ज थे। प्रवीण ने कहा कि उसके भाई की वारदात से पहले संपत नेहरा ने बहस हुई थी। जिसने उसे धमकी दे रखी थी। अब 25 फरवरी काे बाकी बयान दर्ज होंगे।




