नए कानूनों में दर्ज साइकिल चोरी केस पुलिस ने सुलझाया मगर कोर्ट में गिरा, शिकायतकर्ता बोला-पुलिस ने जबरन विडियो बनाई

चंडीगढ़। 1 जुलाई से देश में नए लॉ पूरे तरीके से चंडीगढ़ में लागू हुए जिसका श्रेय काफी हद तक यूटी पुलिस को दिया गया। हालांकि इन नए कानूनों में बीएनएस के तहत दर्ज चोरी के केस में आईओ द्वारा टैब में जो वीडियो अपलोड कर ई-साक्ष्य एप पर अपलोड की गई वह ही सवालों के घेरे में आ गई। सीजेएम सचिन यादव ने इलेक्ट्रिक साइकिल चोरी केस में पाया कि पुलिस केस झूठी रिकवरी और झूठे सबूतों पर आधारित है। आरोप साबित न होने पर आरोपी सेक्टर-38 वेस्ट के वरिंदर को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। कोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि आईओ ने रिकवरी प्लांट की व वीडियो बनाते हुए शिकायतकर्ता पर दबाव डाला जो बाद में ई साक्ष्य एप पर अपलोड की। पुलिस केस काफी हद तक इस वीडियो पर आधारित था। शिकायतकर्ता खुद कह चुका है कि वीडियो आईओ ने जबरन बनाई। उसकी मौजूदगी में कोई रिकवरी नहीं हुई। ऐसे में वीडियो की कोई वेल्यू नहीं।

शिकायतकर्ता के मुताबिक साइकिल किसी अन्य से बरामद हुई जिसे पुलिस ने नहीं पकड़ा। वहीं जिसे पकड़ा जिसे उसने नहीं पहचाना। काेर्ट ने पाया कि कांस्टेबल चंद राम के मुताबिक केस के आईओ ने शिकायतकर्ता को मौके पर बुलाया था और उसने साइकिल पहचानी थी। वहीं आईओ सब-इंस्पेक्टर शमशेर सिंह ने कहा कि शिकायतकर्ता पहले से रॉक गार्डन पार्किंग एरिया में था। उसने आकर साइकिल पहचानी थी। वहीं पुलिसकर्मी गवाहों के क्रॉस-एग्जामिनेशन के दौरान बयानों में मतभेद सामने आया।

शिकायतकर्ता बोला-असली आरोपी को नहीं पकड़ा, जबरन वीडियो बनाई
शिकायतकर्ता ने बयानों में कहा कि साइकिल आरोपी से बरामद नहीं हुई थी। वह उसने किसी अन्य से खुद बरामद की। उसने पुलिस को रिकवरी की जानकारी दी। फिर पुलिस ने उसे आरोपी के साथ खड़ा किया और वीडियो बनाई। कोर्ट ने कहा कि शिकायतकर्ता का बयान रिकवरी को लेकर प्रोसिक्यूशन के बाकी गवाहाें से पूरी तरह अलग है जिसमें कहा गया था कि रिकवरी शिकायतकर्ता के सामने हुई। सेक्टर-3 थाने में वरिंदर सिंह के खिलाफ 8 जुलाई, 2024 काे चोरी का केस दर्ज किया था। केस में शिकायतकर्ता सेक्टर-8 की एक रियल इस्टेट कंपनी में कार्यरत गौरव था। 4 जुलाई को उसने अपनी इलेक्ट्रिक साइकिल ऑफिस के नीचे लॉक कर खड़ी की थी। दोपहर 1 बजे यह चोरी हो चुकी थी। केस में एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने आरोपी को पकड़ा था। 9 दिसंबर को उस पर चार्ज फ्रेम कर ट्रायल शुरू किया गया था।

Share it :

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!