चंडीगढ़। डिस्ट्रिक्ट काेर्ट ने चैक बाउंस से जुड़े एक मामले में कोर्ट आर्डर के बावजूद पेश न हाेने पर दर्ज एफआईआर में पूर्व क्रिकेटर के भाई विनोद सहवाग को जमानत दे दी है। 28 फरवरी को सहवाग की गिरफ्तारी की गई थी। यूटी पुलिस के पीओ सेल ने 2 साल पुराने चैक बाउंस से जुड़े मामले में केस दर्ज किया था। केस में शिकायतकर्ता ने विनोद व दो अन्य के खिलाफ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में चैक बाउंस केस दायर किया था। इनकी कंपनी जाल्टा फूड बिवरेजेस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा जारी चैक कथित रूप से बाउंस हो गए थे। पंचकूला निवासी बिजनेसमैन श्री नैना प्लास्टिक इंडस्ट्रिज, बद्दी के प्रोपराइटर कृष्ण कुमार खन्ना ने कोर्ट में चैक बाउंस का केस दायर किया था।
सहवाग के अलावा सह-आरोपियों में विष्णु मित्तल और सुधीर मलहोत्रा शामिल थे। सहवाग का कहना था कि उसका कंपनी में कोई रोल नहीं था। पुलिस ने मामले में उनकी गिरफ्तारी करने में जल्दबाजी की। वहीं सहवाग ने समन आर्डर भी कोर्ट में चैलेंज किए थे। ऐसा नहीं था कि वह जानबूझकर कोर्ट हियरिंग में नहीं पहुंचे क्योंकि वह कानूनी सहायता ले रहे थे। शिकायतकर्ता कृष्ण मोहन ने आरोपियों द्वारा दिया हुआ चेक मनीमाजरा बैंक में लगाया था, लेकिन वह चेक बाउंस हो गया था। काेर्ट में सहवाग के पेश न होने पर कोर्ट ने 2022 में उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया था।




